पश्चिम एशिया वॉर में मॉरीशस के लिए तारणहार बना भारत, तेल और गैस के समझौते से मची खलबली


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भारत सिर्फ तेल और गैस ही नहीं बल्कि क्लीन एनर्जी में भी मॉरीशस की मदद कर रहा है. जयशंकर ने इस मामले पर बहुत अहम जानकारी पब्लिक को दी है. जयशंकर ने कहा, ‘भारत एक बहुत बड़ा सोलर प्रोजेक्ट बना रहा है’. एक भारतीय पीएसयू कंपनी इस भारी काम को तेजी से पूरा कर रही है. यह मॉरीशस का सबसे पहला फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट बनने जा रहा है.

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मॉरीशस के पीएम नवीन रामगुलाम से मुलाकात करते एस जयशंकर.

पोर्ट लुईस. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न संकट के बीच मॉरीशस की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत उसे तेल और गैस की आपूर्ति के वास्ते एक समझौते को अंतिम रूप दे रहा है.

जयशंकर नौवें हिंद महासागर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए मॉरीशस में हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट ने, जैसा कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम ने उन्हें याद दिलाया, रणनीतिक साझेदारी के महत्व को रेखांकित किया है, खासकर ऊर्जा क्षेत्र में.

विदेश मंत्री ने कहा, “हम तेल और गैस की आपूर्ति के लिए सरकार-से-सरकार समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं, जो मॉरीशस के लिए ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.” जयशंकर ने कहा कि उन्हें यह जानकर भी खुशी हुई कि एक भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम मॉरीशस की पहली तैरती सौर ऊर्जा परियोजना विकसित कर रहा है.

विदेश मंत्री ने कहा, “भारत और मॉरीशस के बीच स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण के अनुकूल समाधानों के क्षेत्र में एक विस्तृत और गतिशील साझेदारी हैं.”



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