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बथुआ का नाम सुनते ही ज्यादातर लोग इसे सर्दियों तक सीमित समझते हैं, लेकिन यह देसी साग गर्मियों में भी बेहद फायदेमंद है. आयुर्वेद के अनुसार, बथुआ शरीर को ठंडक पहुंचाता है, पाचन सुधारता है और नेचुरल डिटॉक्स की तरह काम करता है. पुराने समय में लोग इसे सालभर इस्तेमाल करते थे, और इसे रायते या दही में मिलाकर खाने से शरीर हल्का और स्वस्थ महसूस करता है.
बथुआ का नाम आते ही ज्यादातर लोग इसे सर्दियों से जोड़ देते हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि यह देसी साग सिर्फ ठंड तक सीमित नहीं है. पुराने समय में लोग मौसम के हिसाब से नहीं, बल्कि शरीर की जरूरत के हिसाब से चीजों का इस्तेमाल करते थे. आज हम उसी से दूर हो गए हैं. यही वजह है कि बथुआ जैसे आसान और फायदेमंद विकल्प हमारी थाली से धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं.

डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि गर्मियों में शरीर जल्दी गर्म हो जाता है और पेट से जुड़ी दिक्कतें भी बढ़ जाती हैं. ऐसे समय में बथुआ शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद कर सकता है. यह एक नेचुरल कूलिंग फूड की तरह काम करता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर का संतुलन बनाए रखते हैं. सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी तरह का केमिकल या प्रोसेसिंग नहीं होती.

आयुर्वेद के अनुसार बथुआ पाचन तंत्र के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. गर्मियों में अक्सर लोगों को गैस, जलन और अपच की समस्या होती है. बथुआ इन समस्याओं को कम करने में मदद करता है. यह शरीर को अंदर से साफ करने का भी काम करता है. इसलिए इसे एक तरह का नेचुरल डिटॉक्स फूड भी कहा जा सकता है.
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गांवों में आज भी बथुआ को सिर्फ एक मौसम तक सीमित नहीं रखा जाता. लोग इसे सुखाकर पाउडर बना लेते हैं और सालभर इस्तेमाल करते हैं. गर्मियों में इसी पाउडर को छाछ या दही में मिलाकर लिया जाता है. यह तरीका शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन को भी बेहतर बनाता है. यह पुराना देसी तरीका आज भी उतना ही कारगर है.

आजकल लोग गर्मी से राहत पाने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स और महंगे हेल्थ प्रोडक्ट्स पर निर्भर हो गए हैं. लेकिन बथुआ एक ऐसा विकल्प है जो सस्ता, नेचुरल और असरदार है. इसमें आयरन, कैल्शियम और विटामिन्स भरपूर मात्रा में होते हैं. यह शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करता है और कमजोरी को भी दूर करता है.

बथुआ को अपनी डाइट में शामिल करना भी काफी आसान है. इसे रायते के रूप में खाया जा सकता है या हल्का सा भूनकर भी खाया जा सकता है. अगर इसका पाउडर तैयार हो तो उसे छाछ में मिलाकर पीना भी एक अच्छा विकल्प है. ये सभी तरीके गर्मियों में शरीर को हल्का और ठंडा महसूस कराते हैं.

हालांकि हर चीज की तरह इसका सेवन भी संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए. जरूरत से ज्यादा लेने पर फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो सकता है. इसलिए इसे अपनी डाइट में सोच-समझकर शामिल करना जरूरी है. सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करने पर ही इसके पूरे फायदे मिलते हैं.





