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Sirohi Picnic Spot: गर्मियों के मौसम में घूमने के लिए राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू बेहतरीन विकल्प है. यहां स्थित गुरुशिखर अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी है, जहां का मौसम अन्य जगहों की तुलना में ठंडा और सुहावना रहता है. यही वजह है कि गर्मियों में बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं. परिवार और दोस्तों के साथ सुकून भरे पल बिताने के लिए यह जगह आदर्श मानी जाती है. यहां से प्राकृतिक नजारों का आनंद लिया जा सकता है, जो यात्रा को यादगार बना देता है.
राजस्थान की सबसे ऊंची चोटी गुरु शिखर माउंट आबू से करीब 13 किलोमीटर दूर है. यहां पहुंचने के लिए आप निजी वाहन या टैक्सी से भी पहुंच सकते हैं. गुरु शिखर में देखने लायक दत्तात्रेय भगवान की गुफा और मंदिर के अलावा चोटी पर बना व्यू पॉइंट हैं. यहां पहुंचने के लिए आपको गुरुशिखर मार्ग से करीब डेढ़ सौ सीढियां चढ़ना पड़ता है.

गुरुशिखर चोटी से अरावली पर्वतमाला की हरियाली और पहाड़ों के नजारों के लिए पहचानी जाती हैं. ये राजस्थान के अलावा अरावली पर्वतमाला की भी सबसे ऊंची चोटी हैं. गुरुशिखर पर्यटक स्थल होने के साथ संतों की तपोस्थली रही हैं. यहां भगवान राम के गुरु वशिष्ठ और भगवान दत्तात्रेय ने वर्षों तक तपस्या की थी. यहां भगवान दत्तात्रेय की चरण पादुका की भी पूजा होती है. वही यहां अखंड धुना भी चलता रहता है.

गुरुशिखर चोटी समुद्र तल से 1722 मीटर की ऊंचाई पर हैं. यहां आप फोटोग्राफी के साथ डूबते सूरज का आनंद ले सकते हैं. यहां आप परिवार और दोस्तों के साथ सुकून भरे पल बिता सकते है. इस जगह पर देश दुनिया से काफी पर्यटक पहुंचते हैं मान्यता हैं कि राजा पृथ्वीराज चौहान ने भी विवाह करने से पहले माउंट आबू के गुरुशिखर की धार्मिक यात्रा की थी.
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माउंट आबू आने का सही समय दिन के समय रहता है. क्योंकि शाम के समय आसपास वन्य जीव क्षेत्र होने से जंगली जानवरों को खतरा बना रहता है. शाम 6 बजे बाद यहां आने की अनुमति नहीं दी जाती है. अगर आप माउंट आबू परिवार के साथ घूमने आ रहे हैं, तो गुरुशिखर घूमने आना एक अच्छी चॉइस हो सकती है.

गुरू शिखर व्यू पॉइंट पर आप पहाड़ों के बीच मैगी का भी आनंद ले सकते हैं. यहां आपको कई प्रकार की मैगी का स्वाद लेने भी मिल जाएगा. ये जगह काफी ऊंचाई पर होने से जिन लोगों को सांस लेने में या सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत होती हैं, उन्हे यहां आने से बचना चाहिए.





