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गर्मियों के मौसम में शरीर से जुड़ी कई छोटी-बड़ी परेशानियां बढ़ने लगती हैं. ऐसे में कुछ प्राकृतिक पत्तियों का सेवन आपकी सेहत को बेहतर बना सकता है. आयुर्वेद में बताई गई ये पत्तियां शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करती हैं.
जड़ी-बूटियों वाले पत्ते.
भारत में प्राचीन समय से ही जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक उपायों के जरिए बीमारियों का इलाज किया जाता रहा है. आयुर्वेद न सिर्फ रोगों को ठीक करने पर जोर देता है, बल्कि यह भी सिखाता है कि शरीर को बीमारियों से कैसे दूर रखा जाए. आज के समय में भले ही लोग आधुनिक चिकित्सा पद्धति पर ज्यादा निर्भर हो गए हों, लेकिन आयुर्वेद में बताए गए उपाय आज भी उतने ही असरदार माने जाते हैं. खासतौर पर गर्मियों के मौसम में शरीर से जुड़ी कई समस्याएं जैसे ब्लड प्रेशर का बढ़ना, मुंहासे, फोड़े-फुंसी और पाचन संबंधी दिक्कतें आम हो जाती हैं. ऐसे में दवाइयों के बजाय कुछ प्राकृतिक पत्तों का सेवन करके इन समस्याओं से बचाव किया जा सकता है.
सबसे पहले बात करें नीम के पत्तों की, तो इन्हें प्राकृतिक एंटीबायोटिक माना जाता है. नीम में ऐसे गुण होते हैं जो खून को साफ करने में मदद करते हैं और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालते हैं. यही कारण है कि मुंहासे, फोड़े-फुंसी, बुखार और शुगर जैसी समस्याओं में नीम के पत्तों का सेवन फायदेमंद माना जाता है. आप सुबह खाली पेट नीम की कोमल पत्तियां चबा सकते हैं या फिर उनका जूस बनाकर भी पी सकते हैं. इससे त्वचा साफ रहती है और शरीर अंदर से मजबूत बनता है.
दूसरे नंबर पर सहजन यानी मोरिंगा के पत्ते आते हैं, जो पोषण से भरपूर होते हैं. इनमें आयरन, कैल्शियम और कई जरूरी विटामिन पाए जाते हैं. सहजन के पत्ते शरीर में खून की कमी को दूर करने, कमजोरी कम करने और पाचन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. साथ ही यह ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में भी सहायक माने जाते हैं. इन पत्तों का सूप या जूस बनाकर सेवन किया जा सकता है, जिससे शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और ऊर्जा बनी रहती है.
तीसरे नंबर पर शीशम के पत्तों का जिक्र आता है, जिन्हें खासतौर पर महिलाओं के लिए लाभकारी माना गया है. यह गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकते हैं. मासिक धर्म की अनियमितता या सफेद पानी जैसी समस्याओं में शीशम के पत्तों का उपयोग किया जाता है. इसके लिए पत्तों को पीसकर मिश्री के साथ मिलाकर जूस तैयार किया जाता है, जिसे सुबह खाली पेट पीने की सलाह दी जाती है. हालांकि इसका सेवन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी होता है.
इसके बाद बरगद के पत्तों की बात करें, तो ये भी कई स्वास्थ्य लाभों से भरपूर होते हैं. बरगद के पत्तों का उपयोग खासतौर पर त्वचा संबंधी समस्याओं और फंगल इंफेक्शन से बचाव के लिए किया जाता है. इन्हें पानी में उबालकर पीने से शरीर को अंदर से शुद्ध करने में मदद मिलती है और त्वचा से जुड़ी परेशानियां भी कम हो सकती हैं. यह एक आसान और प्राकृतिक तरीका है, जिससे शरीर को बिना दवा के लाभ पहुंचाया जा सकता है. पीपल के पत्ते भी आयुर्वेद में बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. इन्हें कई रोगों के इलाज में उपयोग किया जाता है. खासतौर पर पथरी और सिस्ट जैसी समस्याओं में पीपल के पत्तों का रस पीना लाभकारी माना गया है.
Disclaimer: हालांकि किसी भी जड़ी-बूटी का सेवन करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी होता है, ताकि इसका सही और सुरक्षित उपयोग किया जा सके.
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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें





