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Hills of Bihar: गर्मी बढ़ते ही लोग ठंडी और सुकून भरी जगहों की तलाश करने लगते हैं. बहुत कम लोग जानते हैं कि बिहार में भी कई खूबसूरत पहाड़ियां हैं, जहां गर्मी के मौसम में ठंडक और नेचर की सुंदरता का आनंद लिया जा सकता है।ल. गया की गुरपा हिल, नालंदा की राजगीर हिल और बांका की मंदार ऐसी ही जगहों में शामिल हैं.
गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग ऐसी जगहों की तलाश में निकल पड़ते हैं, जहां चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं से राहत मिल सके. आमतौर पर लोग पहाड़ों का नाम आते ही हिमाचल या उत्तराखंड की तरफ रुख करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि बिहार में भी कई खूबसूरत पहाड़ियां हैं. यहां ठंडक और सुकून भरा माहौल मिलता है. इस गर्मी बैग पेक करिए और निकलिए बिहार के खूबसूरत हिल्स के ट्रेक पर.

मंदार हिल, बिहार के बांका जिले में स्थित एक पौराणिक पर्वत है. इसका जिक्र समुद्र मंथन की कथा में मिलता है. मान्यता है कि इसी पर्वत का प्रयोग देवताओं और असुरों ने मंथन के लिए मंदराचल के रूप में किया था. यह पहाड़ी लगभग 700 फीट ऊंची है और ग्रेनाइट की बनी है. इसके शिखर पर मधुसूदन मंदिर और नीचे पापहरणी कुंड स्थित है. इस कुंड में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलने की मान्यता है. पर्वत की चट्टानों पर उकेरे गए शंख, चक्र, कछुआ और अन्य पौराणिक चित्र इसकी ऐतिहासिकता को दर्शाते हैं. ऊंचाई पर होने और चारों तरफ हरियाली की वजह से यहां का मौसम आसपास के मैदानी इलाकों की तुलना में थोड़ा ठंडा महसूस होता है. पहाड़ी पर चढ़ाई करते समय ठंडी हवा और प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को सुकून देते हैं.

गयाजी जिले में स्थित गुरपा हिल बिहार की खूबसूरत पहाड़ियों में से एक मानी जाती है. यह पहाड़ी घने जंगलों और प्राकृतिक घाटियों से घिरी हुई है. यह बिहार-झारखंड सीमा पर 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. प्राकृतिक सौंदर्य, जंगल, झरने, सूर्योदय और सूर्यास्त के मनोरम दृश्य, इन सभी ने गुरपा पहाड़ी को बेहद लोकप्रिय बना दिया है. गया-कोडरमा रेल मार्ग से गुजरते समय यात्रियों को पहाड़ों और हरियाली का बेहद सुंदर दृश्य देखने को मिलता है. गुरपा पहाड़ी पर गुरुपदा नाम का एक मंदिर है. माना जाता है कि इस मंदिर में भगवान विष्णु के पदचिह्न हैं. यह स्थान बौद्ध और हिंदू धर्म के तीर्थयात्रियों के बीच लोकप्रिय है.
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कैमूर हिल बिहार की सबसे बड़ी पहाड़ी श्रृंखलाओं में से एक है. यह विंध्य पर्वतमाला का हिस्सा है. यह बिहार के कैमूर और रोहतास जिले के बड़े हिस्से में फैली हुई है. घने जंगल, ऊंचे पहाड़ और कई खूबसूरत झरने इस क्षेत्र की खास पहचान हैं. गर्मियों के मौसम में भी यहां का प्राकृतिक वातावरण सुकून भरा महसूस होता है. खासकर रोहतास इलाके में स्थित झरने और हरियाली पर्यटकों को काफी आकर्षित करते हैं. इसमें कर्मनासा नदी पर स्थित करकटगढ़ जलप्रपात, बुधुआ और धंसा (रोहतास) गांवों के पास के झरने, अमझोर जलप्रपात और तिलोठू के पास स्थित तुतला भवानी जलप्रपात शामिल हैं. इसलिए प्रकृति और एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए यह जगह घूमने के लिहाज से अच्छी मानी जाती है.

पश्चिम चंपारण जिले में नेपाल सीमा के पास स्थित सोमेश्वर हिल बिहार की प्रमुख पहाड़ियों में गिनी जाती है. यह पहाड़ी वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के आसपास के घने जंगलों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है. यह बिहार का सबसे ऊंचा पर्वतीय पठार है. इसकी ऊंचाई समुन्द्र तल से लगभग 3000 फीट है. यहां का वातावरण शांत और हरियाली से भरपूर होता है. पहाड़ी के आसपास फैले जंगल, वन्यजीव और प्राकृतिक दृश्य प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों को काफी आकर्षित करते हैं. इसलिए यह जगह ट्रेकिंग और घूमने के लिहाज से भी खास मानी जाती है.

गृद्धकूट हिल बिहार के राजगीर में स्थित एक प्रसिद्ध और ऐतिहासिक पहाड़ी है. इसे विचर पीक भी कहा जाता है. यह पहाड़ी विशेष रूप से गौतम बुद्ध से जुड़ी हुई है. माना जाता है कि उन्होंने यहां कई महत्वपूर्ण उपदेश दिए थे. बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह स्थान अत्यंत पवित्र माना जाता है. यह एक गिद्ध के सिर के आकार का दिखता है. गृद्धकूट पर्वत पर पहुंचने के लिए राजगीर से ट्रैकिंग का रास्ता है और यहां से आसपास की पहाड़ियों और प्रकृति का बेहद सुंदर दृश्य दिखाई देता है. गर्मियों में भी यहां की प्राकृतिक हवा और हरियाली लोगों को आकर्षित करती है. इसलिए यह घूमने के लिए एक अच्छा स्थान माना जाता है.





