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गर्मियों में बढ़ती गर्मी के साथ शरीर में थकान, चिड़चिड़ापन और पाचन से जुड़ी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे में अगर कोई देसी और स्वादिष्ट उपाय मिल जाए, जो शरीर को ठंडक भी दे और सेहत भी सुधारे, तो उससे बेहतर क्या हो सकता है. गुलकंद एक ऐसा ही पारंपरिक सुपरफूड है, जो न सिर्फ गर्मी के असर को कम करता है, बल्कि पेट की परेशानियों से राहत दिलाकर तन और मन दोनों को सुकून पहुंचाता है.
गुणकारी गुलकंद के फायदे.
गर्मियों की तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच लोग अब राहत पाने के लिए नेचुरल और पारंपरिक चीजों की ओर तेजी से लौट रहे हैं. ऐसे में गुलकंद एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आया है, जो ताजा गुलाब की पंखुड़ियों से तैयार होता है. यह न सिर्फ मीठा और खुशबूदार होता है, बल्कि शरीर और मन दोनों को ठंडक देने का काम करता है. गर्मियों में इसे डाइट में शामिल करना शरीर को अंदर से ठंडा रखने और लू के असर से बचाने का आसान तरीका माना जाता है.
गुलकंद बनाने की प्रक्रिया काफी खास और पारंपरिक है. इसमें ताजी गुलाब की पंखुड़ियों को चीनी या गुड़ के साथ मिलाकर धूप में धीरे-धीरे पकाया जाता है. इस प्रक्रिया से इसका स्वाद और औषधीय गुण दोनों बढ़ जाते हैं. पुराने समय में दादी-नानी घर पर ही गुलकंद बनाती थीं और इसे परिवार के सभी सदस्यों को खिलाया जाता था. यही वजह है कि आज भी कई घरों में इसे बनाना और खाना एक परंपरा के रूप में जारी है.
पाचन और ठंडक के लिए है फायदेमंद
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गुलकंद में मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं और गर्मी के कारण होने वाली थकान, चिड़चिड़ापन और तनाव को कम करते हैं. यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और भोजन को आसानी से पचाने में सहायक होता है. गर्मियों में जब एसिडिटी, गैस और अपच जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं, तब गुलकंद का सीमित मात्रा में सेवन इन दिक्कतों से राहत दिलाने में मदद करता है.
स्किन और इम्युनिटी के लिए भी है लाभकारी
गुलकंद में एंटीऑक्सीडेंट्स की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो शरीर की इम्युनिटी को मजबूत बनाने में सहायक होती है. यह त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखने में भी मदद करता है, खासकर गर्मियों में जब स्किन डल और बेजान लगने लगती है. साथ ही यह शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा कम होता है.
कई तरीकों से कर सकते हैं सेवन
गुलकंद को कई तरह से डाइट में शामिल किया जा सकता है. इसे सीधे चम्मच से खाया जा सकता है या फिर दूध, दही और शरबत में मिलाकर भी लिया जा सकता है. इसके अलावा इसे हलवा, लड्डू और आइसक्रीम जैसी मिठाइयों में भी इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि, इसमें शुगर की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए.
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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें





