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Best Fruits to Relieve Constipation: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लाइफस्टाइल और खानपान बिगड़ गया है. इससे लोगों को पेट साफ न होने की समस्या हो रही है. डॉक्टर्स की मानें तो पेट साफ न होना कब्ज (Constipation) की समस्या है. जब पाचन तंत्र सुस्त हो जाता है, तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं. ये टॉक्सिन्स न केवल पेट में भारीपन और गैस का कारण बनते हैं, बल्कि स्किन प्रॉब्लम्स भी पैदा कर सकते हैं. अगर आप भी सुबह पेट साफ न होने की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर फलों को जरूर शामिल करें. ये फल आपके पेट में जमी गंदगी को साफ कर सकते हैं.
पपीता : वेबएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक पेट की सफाई के लिए पपीता सबसे भरोसेमंद फल माना जाता है. इसमें पपेन नामक शक्तिशाली एंजाइम होता है, जो प्रोटीन को तोड़ने और पाचन को तेज करने में मदद करता है. पपीते में फाइबर और पानी की मात्रा अधिक होती है, जो मल को नरम बनाती है और आंतों की गति को सुचारू करती है. नियमित रूप से सुबह खाली पेट पपीता खाने से सालों पुरानी कब्ज में भी राहत मिलती है.

अमरूद : अमरूद फाइबर का एक अच्छा सोर्स है. एक मीडियम साइज के अमरूद में आपकी दैनिक फाइबर की आवश्यकता का एक बड़ा हिस्सा होता है. यह आंतों की सफाई करने वाले झाड़ू की तरह काम करता है, जो जमा हुई गंदगी को बाहर धकेलता है. अमरूद खाने से न केवल पेट साफ होता है, बल्कि यह मेटाबॉलिज्म को भी दुरुस्त रखता है.

सेब : पेट की सेहत के लिए सेब किसी दवा से कम नहीं है. सेब में पेक्टिन नामक घुलनशील फाइबर होता है. जब यह पेट में जाता है, तो जेल जैसा पदार्थ बनाता है, जो आंतों के अनुकूल बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है और मल त्याग को आसान बनाता है. बेहतर परिणाम के लिए सेब को छिलके सहित खाना चाहिए, क्योंकि ज्यादा फाइबर छिलके में ही होता है.
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केला : अक्सर लोग कंफ्यूज रहते हैं कि कब्ज के मरीजों को केला खाना चाहिए या नहीं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो पका हुआ केला कब्ज के लिए रामबाण है. इसमें मौजूद पोटेशियम और फाइबर आंतों की मांसपेशियों को सक्रिय करते हैं. यह प्राकृतिक रूप से लैक्सेटिव की तरह काम करता है, जो मल को भारी बनाकर शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है. ध्यान रखें कि केला हमेशा अच्छी तरह पका हुआ ही खाएं.

संतरा : संतरा विटामिन C और फाइबर से भरपूर होता है. संतरे में नारिनजेनिन नामक एक फ्लेवोनोइड होता है, जो एक लैक्जेटिव के रूप में काम करता है. इसका जूस पीने के बजाय इसे सीधे खाना अधिक फायदेमंद है, क्योंकि इसके रेशे आंतों में फंसे अपशिष्ट पदार्थों को साफ करने में मदद करते हैं और शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं.

कीवी : कीवी एक ऐसा फल है, जो पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा दिला सकता है. इसमें एक्टिनिडिन नामक एंजाइम होता है, जो गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में गतिशीलता सुधारता है. कई रिसर्च में पता चला है कि रोजाना दो कीवी खाने से पेट साफ होने की प्रक्रिया नियमित हो जाती है और पेट फूलने की समस्या कम होती है.

नाशपाती : नाशपाती में सेब की तुलना में ज्यादा फाइबर होता है. इसमें फ्रुक्टोज और सोर्बिटोल की अच्छी मात्रा होती है, जो आंतों में पानी खींचने का काम करती है. यह प्रक्रिया मल को बहुत नरम बना देती है, जिससे पुरानी से पुरानी कब्ज भी आसानी से दूर हो जाती है. यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, जिन्हें सख्त मल आने की समस्या है.

अंजीर : चाहे ताजी हो या सूखी अंजीर फाइबर का पावरहाउस है. इसमें मौजूद सूक्ष्म बीज आंतों की दीवारों की हल्की मालिश करते हैं और वहां जमा गंदगी को ढीला करते हैं. रात भर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट दो-तीन सूखी अंजीर खाने से पाचन तंत्र पूरी तरह से रीसेट हो जाता है. यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का सबसे असरदार तरीका है.





