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Hyderabad Tourists Places: हैदराबाद अपने समृद्ध इतिहास और शाही विरासत के लिए प्रसिद्ध है, जहां हर इमारत बीते दौर की कहानी कहती है. चारमीनार, गोलकोंडा किला, चौमहल्ला पैलेस, कुतुब शाही मकबरे और फलकनुमा पैलेस जैसे ऐतिहासिक स्थल पर्यटकों को नवाबी संस्कृति से रूबरू कराते हैं. इन जगहों पर घूमते हुए आपको वास्तुकला की भव्यता, शाही जीवनशैली और इतिहास की झलक देखने को मिलती है. अगर आप छुट्टियों में कुछ खास अनुभव करना चाहते हैं, तो हैदराबाद के ये हेरिटेज स्पॉट आपकी यात्रा को यादगार बना देंगे और आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाएंगे.
हैदराबाद: अपनी खास निज़ामी तहजीब, लजीज खान-पान और बेमिसाल वास्तुकला के लिए मशहूर मोतियों का शहर हैदराबाद पर्यटकों के लिए हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहा है. यदि आप इन छुट्टियों में इतिहास के पन्नों को करीब से देखना चाहते हैं और राजशाही वैभव को महसूस करना चाहते हैं, तो हैदराबाद के ये पांच ऐतिहासिक स्थल आपकी यात्रा को यादगार बना सकते हैं.

चौमहल्ला पैलेस: निज़ामों के आधिकारिक निवास रहे इस महल की भव्यता देखते ही बनती है. फारसी और भारत-अरबी वास्तुकला के इस बेजोड़ मेल में कदम रखते ही आप एक अलग दौर में पहुंच जाएंगे. यहां का खिलावत मुबारक अपने विशाल बेल्जियम झूमरों और संगमरमर के तख्त के लिए विश्व प्रसिद्ध है. महल के भीतर मौजूद विंटेज कारों का संग्रह इतिहास प्रेमियों के लिए किसी खजाने से कम नहीं है.

कुतुब शाही मकबरे: इब्राहिम बाग में स्थित ये मकबरे कुतुब शाही वंश के सात शासकों की याद दिलाते हैं. पत्थर पर की गई बारीक नक्काशी और विशाल गुंबद हिंदू और फारसी शैलियों के संगम को दर्शाते हैं. शहर की भागदौड़ से दूर यह स्थान शांति और वास्तुकला के प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्थान है.
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गोलकोंडा किला: हैदराबाद की पहचान गोलकोंडा किला केवल पत्थरों का ढांचा नहीं बल्कि प्राचीन इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है. यह किला अपने ध्वनि विज्ञान के लिए मशहूर है. किले के मुख्य द्वार के नीचे ताली बजाने पर उसकी गूंज सबसे ऊपरी शिखर बाला हिसार तक सुनाई देती है. शाम के समय यहां होने वाला लाइट एंड साउंड शो किले के उतार-चढ़ाव भरे इतिहास को जीवंत कर देता है.

फलकनुमा पैलेस: पहाड़ी पर स्थित फलकनुमा पैलेस अपनी इतालवी और ट्यूडर वास्तुकला के लिए जाना जाता है. बिच्छू के आकार में बने इस महल को आकाश का दर्पण भी कहा जाता है. हालांकि अब यह एक हेरिटेज होटल में तब्दील हो चुका है, लेकिन इसकी भव्य सीढ़ियाँ और दुनिया की सबसे लंबी डाइनिंग टेबल जिस पर 101 मेहमान एक साथ बैठ सकते हैं. आज भी उस दौर की विलासिता की गवाही देती हैं.

तारामती बारादरी: गंधिपेट के पास स्थित तारामती बारादरी अपनी हवादार बनावट और बारादरी शैली के लिए प्रसिद्ध है. कहा जाता है कि यह महान नर्तकी तारामती को समर्पित था. इसकी संरचना इस तरह बनाई गई है कि यहाँ होने वाले संगीत की गूंज दूर तक सुनी जा सके. यहाँ से गोलकोंडा किले का मनोरम दृश्य और खुले आसमान के नीचे होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं.





