मोटापा है या ब्लोटिंग, दिखें ये लक्षण तो न करें नजरअंदाज, स्लिम-फिट हो जाएगी बॉडी


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आजकल कई लोगों को खाने के बाद पेट फूलना, भारीपन या गैस जैसी समस्या महसूस होती है. इसे आमतौर पर ब्लोटिंग कहा जाता है. इसमें पेट भरा-भरा और कसा हुआ महसूस होता है, कभी-कभी पेट बाहर की ओर उभरा हुआ भी दिखने लगता है. यह स्थिति अक्सर गैस बनने, पाचन धीमा होने या शरीर में फ्लूड रिटेंशन की वजह से हो सकती है. कई बार लोग इसे मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बार-बार होने वाली ब्लोटिंग के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं. (All Photos- AI)

ब्लोटिंग का सबसे सामान्य कारण ओवरईटिंग यानी जरूरत से ज्यादा खाना है. जब कोई व्यक्ति एक साथ बहुत ज्यादा खाना खा लेता है, तो पेट ज्यादा फैल जाता है और डाइजेशन धीमा हो जाता है. इसके कारण पेट में गैस, डकार और असहजता महसूस हो सकती है. इस समस्या से बचने के लिए थोड़ा-थोड़ा और धीरे-धीरे खाना खाने की सलाह दी जाती है.

आईबीएस (Irritable Bowel Syndrome)- आईबीएस एक आम डाइजेस्टिव डिसऑर्डर है जो आंतों को प्रभावित करता है. इस स्थिति में पेट दर्द, ब्लोटिंग, कब्ज या डायरिया जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इसमें आंतों की मूवमेंट और संवेदनशीलता बदल जाती है, जिससे खाने के बाद पेट फूलना ज्यादा महसूस होता है.

लैक्टोज इनटॉलरेंस- कुछ लोगों को दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स खाने के बाद पेट फूलने की समस्या होती है. इसका कारण लैक्टोज इनटॉलरेंस हो सकता है. इसमें शरीर में लैक्टेज एंजाइम की कमी होती है, जिससे दूध में मौजूद लैक्टोज ठीक से पच नहीं पाता. इसके कारण पेट में गैस, दर्द और कभी-कभी डायरिया भी हो सकता है.

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एसआईबीओ (Small Intestinal Bacterial Overgrowth)
ब्लोटिंग का एक बड़ा कारण एसआईबीओ भी हो सकता है. यह स्थिति तब होती है जब छोटी आंत में बैक्टीरिया की संख्या असामान्य रूप से बढ़ जाती है. ये बैक्टीरिया खाने को जल्दी फर्मेंट करके गैस बनाते हैं, जिससे पेट फूलना, गैस और डायरिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

हार्मोनल बदलाव भी जिम्मेदार- कई महिलाओं को पीरियड्स से पहले पेट फूलने की शिकायत होती है. इसका कारण शरीर में होने वाले हार्मोनल फ्लक्चुएशन होते हैं. इस दौरान शरीर में फ्लूड रिटेंशन बढ़ जाता है और पाचन की गति भी थोड़ी धीमी हो सकती है, जिससे ब्लोटिंग महसूस होती है.

ज्यादा फैट वाला खाना- अगर डाइट में बहुत ज्यादा हाई-फैट फूड शामिल हो, तो डाइजेशन धीमा हो सकता है. इससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और ब्लोटिंग की समस्या बढ़ सकती है. इसलिए संतुलित आहार लेना जरूरी माना जाता है.

सीलिएक डिजीज- कुछ लोगों में सीलिएक डिजीज भी ब्लोटिंग की वजह बन सकती है. इसमें ग्लूटेन से एलर्जी होने के कारण छोटी आंत को नुकसान पहुंचता है. इससे पोषक तत्व ठीक से अवशोषित नहीं हो पाते और गैस व पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

ब्लोटिंग से राहत कैसे पाएं- अगर ब्लोटिंग बार-बार हो रही है, तो खान-पान और लाइफस्टाइल में बदलाव करना जरूरी है. धीरे-धीरे खाना, ज्यादा फैटी फूड से बचना, हल्का व्यायाम करना और तनाव कम करना मददगार हो सकता है. इसके अलावा गुनगुना पानी, अदरक या पुदीना जैसे घरेलू उपाय भी डाइजेशन सुधारने में सहायक माने जाते हैं. 



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