
क्रूबर्स की नौकरी पर बीमारी की छुट्टी
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बिना नोटिस के अपने कई केबिन क्रू मेंबरों को नौकरी से निकाल दिया है। असल में मंगलवार को 100 से अधिक विरोध प्रदर्शन कर रहे केबिन क्रू के सदस्य देश में नहीं थे। इस कारण से 90 से अधिक नवीनतम को रद्द करना पड़ा। टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस के 100 से अधिक केबिन क्रूज़ सदस्यों ने अचानक सिक लीव से छुट्टी ले ली थी। इस कारण मंगलवार की रात से विमान को अपना 90 से अधिक दस्तावेज़ रद्द करना पड़ा। इससे कंपनी को काफी नुकसान हुआ है। इस पूरे वाक्य में सबसे ज्यादा डेट्स वाली बात है कि सभी क्रूबर्स ने एक साथ सिक लीव अप्लाई कर हॉलिडे ली। अब रेलवे कंपनी ने इस पर जोरदार एक्शन लेते हुए करीब 25 लोगों को नौकरी से निकाल दिया है।
एयर इंडिया ने अपने क्रूज़र्स जारी किए
बिजनेस स्टैंडर्ड में एक खबर प्रकाशित की गई है जिसमें कहा गया है कि रविवार को एयर इंडिया एक्सप्रेस की तरफ से 100 से अधिक क्रू सदस्यों को नौकरी से निकाला गया। बता दें कि विरोध कर रहे थे और नाराज चल रहे थे केबिन क्रू मेंबर्स सिक लीव के नाम पर कर्तव्य से नदारद थे। इस कारण हजारों यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा और लगभग 91 कंपनियों को मंगलवार को रद्द करना पड़ा। बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक, एयर इंडिया एक्सप्रेस की तरफ से एक स्टाफ को भेजे गए टर्मिनेशनल लेटर में कंपनी ने कहा कि सभी केबिन क्रू के सदस्यों ने एक साथ, एक ही समय पर सिक लीव ली पर काम किया है। यह साफ़ तौर पर बिना किसी कारण के पूर्व निर्धारित और ठोस अनुपस्थिति की ओर इशारा करता है।
ईमेल पर भेजा गया टर्मिनेशन लेटर
एयर इंडिया एक्सप्रेस का यह टर्मिनेशन लेटर सोशल मीडिया पर भी शेयर किया जा रहा है। एयरलाइन में ईमेल कंपनी के माध्यम से क्रूज़ मेंबर्स को टर्मिनेशन लेटर भेजा गया, जिसमें कहा गया है कि क्रू मेंबर्स बिना किसी कारण के ग़ैर-हाजिर हो गए। वेलेंटाइन होने की कोई खास वजह नजर नहीं आ रही है। एक साथ एक ही समय में बड़े पैमाने पर सिक लीव लेने वाले नाटक का उल्लंघन है। यही नहीं, ऐसा कहकर कर्मचारियों ने अपने ऊपर लागू एयर इंडिया एक्सप्रेस लिमिटेड के नियोक्ता सेवा नियमों का भी उल्लंघन किया है।
