स्थानीय लोगों के मुताबिक, सभी यात्रियों को बाहर निकालने में करीब आधा से एक घंटा लग गया। कई लोग खून से लथपथ थे और दर्द से कराह रहे थे। कुछ लोगों ने बताया कि 8-10 लोग गंभीर रूप से घायल थे। एक व्यक्ति ने कहा कि उसने खुद एक छोटी बच्ची को उठाकर बाहर निकाला, जबकि एक 5-6 साल के बच्चे को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, पीसीआर वैन और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। एंबुलेंस के जरिए घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जिनमें से कई को राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ले जाया गया।
प्रारंभिक जांच में ड्राइवर की लापरवाही सामने आ रही है। कुछ लोगों का कहना है कि ड्राइवर शायद झपकी ले रहा था, जिसकी वजह से बस अनियंत्रित हो गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के सही कारणों का पता लगाने में जुटी है।





