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इस प्राकृतिक आपदा का सबसे अधिक असर खेतों में तैयार खड़ी रबी फसलों पर पड़ा है. कृषि विशेषज्ञों और किसानों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल को करीब 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है. तेज हवाओं से फसल जमीन पर गिर गई है, जिससे दाने काले पड़ने और सड़ने का खतरा बढ़ गया है.
सीतामढ़ी: मौसम के बदले मिजाज ने अन्नदाताओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. शुक्रवार शाम से शुरू हुआ आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा. करीब 50 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी और उसके बाद हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. शहर की गलियों से लेकर गांव के खेतों तक जलजमाव की स्थिति बनी हुई है. आसमान में घने बादलों का डेरा इस कदर है कि मानो बेमौसम ही मानसून ने दस्तक दे दी हो. शनिवार को दिनभर धूप नहीं निकली, जिससे तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई.
गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान
इस प्राकृतिक आपदा का सबसे अधिक असर खेतों में तैयार खड़ी रबी फसलों पर पड़ा है. कृषि विशेषज्ञों और किसानों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल को करीब 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है. तेज हवाओं से फसल जमीन पर गिर गई है, जिससे दाने काले पड़ने और सड़ने का खतरा बढ़ गया है. किसान मुकेश यादव और दीपलाल राय ने बताया कि इस बार फसल अच्छी थी और उन्हें बंपर पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन आंधी ने सब कुछ बर्बाद कर दिया.
तिलहन और दलहन फसलें भी प्रभावित
खेतों में तिलहन और दलहन की फसलें पूरी तरह तैयार थीं और कई जगह कटाई शुरू होने वाली थी. अचानक हुई बारिश ने किसानों को फसल समेटने का मौका नहीं दिया. अधिक नमी के कारण दलहन की फलियां खराब होने का खतरा है. किसान सुरेश कुशवाहा का कहना है कि यदि अगले 24 घंटे में बारिश नहीं रुकी, तो बची हुई फसलें भी पूरी तरह नष्ट हो सकती हैं. खेतों में जलजमाव से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रहे हैं.
आम और लीची के बागानों को भी झटका
इस खराब मौसम का असर बागवानी पर भी पड़ा है. तेज आंधी और ओलावृष्टि से आम की मंजरी और छोटे-छोटे टिकोले झड़कर गिर गए हैं. लीची के बागों में भी नुकसान की आशंका जताई जा रही है. बागवानों के अनुसार, ओलों की मार से फलों की गुणवत्ता प्रभावित होगी, जिससे बाजार में कीमत पर भी असर पड़ सकता है.
अगले 48 घंटे रहेंगे भारी
कृषि वैज्ञानिक राम ईश्वर प्रसाद के अनुसार, किसानों की मुश्किलें फिलहाल कम होती नहीं दिख रही हैं. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक बारिश और आंधी की संभावना जताई है. शुक्रवार सुबह जहां मौसम साफ था, वहीं शाम तक अचानक बदलाव हो गया. वर्तमान में न्यूनतम तापमान गिरकर 13 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि अधिकतम तापमान 32 डिग्री दर्ज किया गया है. वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों से जल निकासी का उचित प्रबंध करें और मौसम सामान्य होने तक कटाई कार्य रोक दें.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें





