Hearing Loss Sign: सुनने की समस्या अचानक नहीं आती, बल्कि धीरे-धीरे बढ़ती है. कई बार हमें पता भी नहीं चलता कि हमारी सुनने की क्षमता कम हो रही है. समय रहते इसके संकेत पहचान लेना बहुत जरूरी है, ताकि आगे की समस्याओं से बचा जा सके. डॉ. सिद्धार्थ एस. श्रीवास्तव, कंसल्टेंट – कान, नाक एवं गला रोग विशेषज्ञ मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा ने ऐसे 5 शुरुआती संकेतों को बताया है, जिस पर वक्त रहते ध्यान न देने पर कान हमेशा के लिए खराब हो सकते हैं.
कान खराब होने के शुरुआती लक्षण
बातें साफ सुनाई न देना- अगर आपको लोगों की बातें साफ समझ नहीं आतीं और ऐसा लगता है कि वे बुदबुदा रहे हैं, तो यह सुनने की कमजोरी का संकेत हो सकता है. खासकर “स”, “फ” और “थ” जैसे शब्द सुनने में मुश्किल होने लगते हैं.
टीवी या रेडियो की आवाज बार-बार बढ़ाना– अगर आप बार-बार टीवी या रेडियो की आवाज बढ़ाते हैं और दूसरों को यह बहुत तेज लगती है, तो यह भी एक संकेत हो सकता है. अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं.
शोर वाली जगहों पर परेशानी होना- भीड़भाड़ या शोर वाली जगहों, जैसे बाजार या रेस्टोरेंट में बात समझना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में दिमाग को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे थकान भी महसूस होती है.
बार-बार बात दोहराने को कहना- कभी-कभी किसी से बात दोहराने को कहना सामान्य है, लेकिन अगर यह आदत बन जाए, खासकर शांत माहौल में भी, तो ध्यान देने की जरूरत है. इससे रिश्तों पर भी असर पड़ सकता है.
कानों में घंटी या भनभनाहट की आवाज (टिनिटस)- अगर बिना किसी वजह के कानों में घंटी बजने या भनभनाहट की आवाज आती रहती है, तो इसे हल्के में न लें. यह सुनने की समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है.
समय पर ध्यान क्यों जरूरी है?
अगर सुनने की समस्या का इलाज न किया जाए, तो यह अकेलापन और दिमागी कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ा सकती है. इसलिए समय-समय पर जांच कराना और तेज आवाज से बचना बहुत जरूरी है. सही समय पर इलाज करने से आप अपनी सुनने की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता दोनों को बेहतर रख सकते हैं.





