Health Tips : आप भी एक झटके में गटक जाते हैं पानी की बोतल? खराब हो जाएगी किडनी, ये वाला काम भी घातक


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Kidney disease : देश में किडनी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. अक्सर भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल और काम की धुन में हम अपनी सेहत को पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते. आईटी सेक्टर में काम करने वाले युवा और घंटों पढ़ाई में जुटे छात्रों में ये आदत ज्यादा देखी जाती है. वे एक ऐसी आदत के शिकार हो रहे हैं, जो धीरे-धीरे उनके शरीर के मुख्य अंगों को खोखला कर रही है. लोकल 18 ने पीलीभीत के आयुर्वेदाचार्य डॉ. आदित्य पांडे से इन छिपे हुए खतरों के बारे में पूछा.

पीलीभीत. आजकल की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में हम अक्सर काम की धुन में अपनी सेहत को पीछे छोड़ देते हैं. खासकर आईटी सेक्टर में काम करने वाले युवा और घंटों पढ़ाई में जुटे छात्र एक ऐसी आदत के शिकार हो रहे हैं, जो धीरे-धीरे उनके शरीर के मुख्य अंगों को खोखला कर रही है. पीलीभीत के वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. आदित्य पांडे ने लोकल 18 से उन छिपे हुए खतरों के प्रति आगाह किया है, जिन्हें हम रोजमर्रा की जिंदगी में नजरअंदाज कर देते हैं.

रोकना घातक

डॉ. पांडे बताते हैं कि लगातार 12 से 16 घंटे तक एक ही जगह बैठकर काम करना केवल थकान का कारण नहीं है, बल्कि यह शरीर के भीतर एक गंभीर संकट खड़ा कर रहा है. अक्सर काम के दबाव में युवा अपने शरीर के नेचुरल वेग, जैसे पेशाब को लंबे समय तक रोक लेते हैं. आयुर्वेद में इसे अधारणीय वेग कहा गया है. इस वेग को रोकने से शरीर के अंदर इंफेक्शन बढ़ने लगता है, जो सीधा आपकी किडनी (गुर्दों) पर हमला करता है. लंबे समय में यह आदत किडनी फेलियर जैसी नौबत भी ला सकती है. खतरा सिर्फ किडनी तक ही सीमित नहीं है. घंटों एक ही स्थिति में बैठे रहने से शरीर के निचले हिस्सों की नसों पर भारी दबाव पड़ता है.

सभी करते हैं ये गलती

डॉ. पांडे का कहना है कि इसी कारण आजकल के युवाओं में बवासीर (पाइल्स) और फिशर जैसी बीमारियां बहुत तेजी से फैल रही हैं. शरीर को जरूरी मूवमेंट न मिलने और गलत तरीके से बैठने के कारण पाचन तंत्र और आंतों की कार्यक्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है. डॉ. पांडे ने पानी पीने की एक ऐसी आम गलती के बारे में भी बताया है, जो लगभग हर दूसरा व्यक्ति करता है. लोग घंटों काम में डूबे रहते हैं और पानी पीना भूल जाते हैं, फिर अचानक याद आने पर एक साथ पूरी बोतल खाली कर देते हैं.

अचानक लोड खतरनाक

डॉ. पांडे के मुताबिक, यह तरीका किडनी के लिए बहुत खतरनाक है. जैसे किसी थके हुए आदमी पर अचानक भारी बोझ डाल दिया जाए तो वह ढह जाता है, वैसे ही प्यासी किडनी पर अचानक पानी का भारी लोड पड़ने से उसके ‘नेफ्रॉन्स’ डैमेज होने लगते हैं. डॉ. पांडे की सलाह है कि इस डिजिटल युग में अपनी सेहत को दांव पर न लगाएं. काम के बीच-बीच में छोटे ब्रेक लेना और शरीर के संकेतों को समझना बहुत जरूरी है. पानी को एक साथ पीने के बजाय घूंट-घूंट करके और थोड़े-थोड़े अंतराल पर पिएं. अगर समय रहते इन छोटी आदतों को नहीं सुधारा गया, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें



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