ऋषिकेश: ऋषिकेश को देश की योग कैपिटल कहा जाता है और यहां गंगा नदी में होने वाली राफ्टिंग का रोमांच हर साल हजारों पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है. देश-विदेश से लोग यहां सिर्फ राफ्टिंग का अनुभव लेने के लिए पहुंचते हैं. हालांकि कई बार जल्दबाजी या जानकारी की कमी के कारण लोग किसी भी एजेंसी से राफ्टिंग बुक कर लेते हैं, जिससे उनकी ट्रिप का मजा खराब हो सकता है. एडवेंचर एक्टिविटी में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी बन सकती है. इसलिए राफ्टिंग पर जाने से पहले कुछ जरूरी बातों को जरूर जांच लेना चाहिए, ताकि आपका अनुभव सुरक्षित और यादगार बन सके.
लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान गंगा नदी राफ्टिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि राफ्टिंग एक रोमांचक गतिविधि जरूर है, लेकिन यह पूरी तरह से सुरक्षा नियमों पर निर्भर करती है. कई बार लोग सड़क किनारे खड़े एजेंट से तुरंत बुकिंग कर लेते हैं, लेकिन यह तरीका सुरक्षित नहीं माना जाता है.
सेवाओं के बारे में सही जानकारी
सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि जिस कंपनी से आप राफ्टिंग बुक कर रहे हैं, वह रजिस्टर्ड है या नहीं. बेहतर होता है कि सीधे किसी आधिकारिक राफ्टिंग ऑफिस में जाकर बुकिंग करें. इससे आपको कंपनी और उसकी सेवाओं के बारे में सही जानकारी मिल जाती है.
राफ्टिंग कंपनी के पास उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड का वैध प्रमाणपत्र होना चाहिए. इसके अलावा कंपनी के गाइड प्रशिक्षित और अनुभवी होने चाहिए. राफ्टिंग गाइड का लाइसेंस होना जरूरी है और उन्हें फर्स्ट एड की ट्रेनिंग भी मिली होनी चाहिए. नदी में किसी भी आपात स्थिति में यही गाइड सबसे पहले आपकी मदद करते हैं, इसलिए उनका प्रशिक्षित होना बेहद जरूरी है.
लाइफ जैकेट और हेलमेट की जरूरत
राफ्टिंग से पहले सुरक्षा उपकरणों की जांच करना भी बहुत जरूरी है. हर पर्यटक को अच्छी गुणवत्ता वाली लाइफ जैकेट, हेलमेट और जरूरत पड़ने पर सेफ्टी कायक की सुविधा मिलनी चाहिए. ये उपकरण किसी भी दुर्घटना के समय जान बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं. अगर एजेंसी सही सेफ्टी गियर उपलब्ध नहीं करा रही है, तो वहां से राफ्टिंग करना जोखिम भरा हो सकता है.
इसके अलावा राफ्टिंग से पहले आपकी उम्र और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी भी पूछी जाती है. कई बार लोग इसे औपचारिकता समझते हैं, लेकिन यह सुरक्षा का अहम हिस्सा है. उदाहरण के तौर पर 12 साल से कम उम्र के बच्चों को एडवेंचर सेक्शन में राफ्टिंग करने की अनुमति नहीं दी जाती है. इसी तरह अगर किसी व्यक्ति को गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो उसे हल्के सेक्शन में राफ्टिंग करने की सलाह दी जाती है.
ग्रेड के आधार पर बंटा
राफ्टिंग के दौरान नदी में अलग-अलग स्तर के रैपिड्स होते हैं, जिन्हें ग्रेड के आधार पर बांटा जाता है. अगर आप पहली बार राफ्टिंग कर रहे हैं, तो आसान सेक्शन चुनना बेहतर होता है. वहीं ग्रेड 3 जैसे एडवेंचर सेक्शन में जाने के लिए बुनियादी तैराकी आना फायदेमंद माना जाता है. हालांकि लाइफ जैकेट आपको सुरक्षित रखती है, लेकिन अगर कभी आप राफ्ट से गिर जाएं, तो तैराकी जानना आपकी मदद कर सकता है.





