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Heart Attacks in Gym: जिम में वर्कआउट अब फिटनेस से ज्यादा शॉ आफ बन गया है. रील को वायरल करने के लिए लोग अपनी बॉडी की कपेसिटी से ज्यादा वेट लिफ्टिंग कर रहे हैं. कार्डियोलॉजिस्ट ने इसे ईगो लिफ्टिंग बताते हुए जिम में हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण बताया है. ऐसे में यहां बताए गए लक्षणों और बचाव के उपायों को ध्यान में रखना जरूरी है.
Gym Heart Attack Reason: आजकल जिम जाना सिर्फ सेहत की जरूरत नहीं, बल्कि एक लाइफस्टाइल स्टेटमेंट बन गया है. लेकिन पिछले कुछ समय में जिम के फर्श पर गिरते और दम तोड़ते युवाओं की खबरों ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या हम फिट होने के चक्कर में खुद को खत्म कर रहे हैं? न्यूज 18 की इस खास रिपोर्ट में विशेषज्ञों से समझिए कि आखिर गलती कहां हो रही है.
हार्ट डिजीज स्पेशलिस्ट डॉ. रिपेन गुप्ता, वाइस चेयरमैन एवं यूनिट हेड – कार्डियोलॉजी, मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत का मानना है कि युवाओं में बढ़ता ‘ईगो लिफ्टिंग’ (दूसरों को देखकर क्षमता से अधिक वजन उठाना) का चलन सबसे खतरनाक है. सोशल मीडिया के लिए रील बनाने के चक्कर में युवा अपनी सीमाओं को पार कर रहे हैं.
ज्यादा वेट उठाने का शरीर पर असर
एक्सपर्ट बताते हैं कि जब आप अचानक भारी वजन उठाते हैं, तो ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है, जिससे दिल की धमनियों में दरार आ सकती है और अचानक हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट हो सकता है.
क्यों फेल हो रहा है युवाओं का दिल?
– बिना जांच के भारी वर्कआउट. ज्यादातर युवा जिम जॉइन करने से पहले बेसिक हार्ट चेकअप नहीं कराते. कई लोगों को जन्मजात दिल की बीमारियां होती हैं जो सामान्य जीवन में पता नहीं चलतीं, लेकिन भारी एक्सरसाइज के दौरान ‘ट्रिगर’ हो जाती हैं.
– शॉर्टकट का लालच. रातों-रात मसल्स बनाने के लिए सप्लीमेंट्स, फैट बर्नर और स्टेरॉयड का बढ़ता इस्तेमाल दिल की धड़कन को बिगाड़ता है.
-नींद और रिकवरी की कमी. दिन भर की नौकरी का तनाव, रात को देर तक जागना और फिर सुबह उठकर बिना रिकवरी के इंटेंस वर्कआउट करना. ऐसे में थकान के कारण दिल पर प्रेशर पड़ता है, जिससे वो बर्दास्त नहीं कर पाता है.
कोविड का साइड इफेक्ट
डॉक्टर्स चेतावनी दे रहे हैं कि कोविड के बाद कई लोगों की नसों में खून के थक्के जमने या दिल की मांसपेशियों में सूजन की समस्या देखी गई है. ऐसे में बिना ‘ग्रैजुअल प्रोग्रेस’ के भारी जिमिंग जानलेवा साबित हो रही है.
क्या हैं खतरे के संकेत?
वर्कआउट के दौरान अगर शरीर ये इशारे दे, तो उसे ‘चुनौती’ न समझें, बल्कि तुरंत रुक जाएं-
– सीने के बीचों-बीच दबाव या जलन महसूस होना.
– बहुत ज्यादा पसीना आना और अचानक घबराहट होना.
– गर्दन, जबड़े या बाएं कंधे में खिंचाव महसूस होना.
– आंखों के सामने अंधेरा छाना या चक्कर आना.
कैसे रहें सुरक्षित?
अगर आप जिम की शुरुआत कर रहे हैं, तो पहले कुछ हफ्ते केवल लाइट कार्डियो और बॉडी-वेट एक्सरसाइज करें. 30 की उम्र पार कर चुके हैं, तो जिम जाने से पहले एक TMT और ECG जरूर कराएं. जिम ट्रेनर के कहने पर कोई भी अनकही गोलियां या पाउडर न लें. किसी क्वालीफाइड न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह ही मानें. अगर किसी दिन नींद पूरी नहीं हुई या आप बीमार महसूस कर रहे हैं, तो उस दिन जिम स्किप करना ही समझदारी है.
About the Author

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.





