मीठा खाने की लत से परेशान? गुड़मार कर सकता है कंट्रोल, शुगर, दिल और पाचन के लिए फायदेमंद


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आयुर्वेद की दुनिया में तमाम चमत्कारिक औषधीय भरी पड़ी हैं, जिसमें गुड़मार भी किसी संजीवनी से कम नहीं है. जो गुड़ यानी मीठे स्वाद को मार दे उसे गुड़मार कहते हैं. इसे मधुनाशिनी भी कहा जाता है. गुड़मार शुगर रोगियों के लिए एकदम रामबाण मानी जाती हैं. इसके अलावा भी यह कई रोगों में लाभकारी है. आगे जानिए…

गुड़मार पौधें की सबसे बड़ी खासियत यह है कि, इसका ब्लड शुगर पर सीधा असर देखा जाता है. यह शरीर में शुगर के अवशोषण को कम करने के साथ-साथ इंसुलिन की कार्यक्षमता को भी बेहतर बनाने में मदद करता है. यह टाइप 1 और टाइप 2 शुगर दोनों में सहायक मानी जाती है. इसके सही नियमित और संतुलित उपयोग से शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है.

नाम के अनुसार

अगर आपको मीठा खाने की लत लग गई है, तो गुड़मार आपकी मदद कर सकती है. गुड़मार यानी मिठास को खत्म करने वाला. इसकी पत्तियां जीभ पर मिठास के स्वाद को अस्थायी रूप से खत्म कर देती हैं, जिससे मीठा खाने की इच्छा कम हो जाती है. इसी के चलते वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के बीच भी यह तेजी से लोकप्रिय हो रही है और डाइट कंट्रोल में बहुत उपयोगी है.

खराब कोलेस्ट्रॉल

बलिया की फेमस सात साल अनुभवी डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार, गुड़मार शरीर में फैट के अवशोषण को भी कम करने में सहायक है. यह खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को नियंत्रित करता है. इससे दिल की सेहत भी बेहतर बनी रहती है. यह एक ऐसा प्राकृतिक विकल्प है, जो कई समस्याओं का एक साथ समाधान कर सकता है.

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विषाक्त पदार्थ

गुड़मार न केवल शुगर और वजन तक सीमित है, बल्कि यह पाचन और लिवर के लिए भी फायदेमंद है. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं और लिवर को मजबूत बनाते हैं. इसके साथ ही यह पाचन तंत्र को सुधारकर गैस, अपच जैसी समस्याओं से बचाती हैं.

गठिया के दर्द और सूजन

इसमें सूजनरोधी और एंटी-बैक्टीरियल गुण भी पाए जाते हैं, जो इसे खास बनाते हैं. गुड़मार का उपयोग गठिया के दर्द और सूजन को कम करने में किया जाता है. इसके अलावा, यह त्वचा से जुड़ी समस्याओं जैसे मुंहासे और संक्रमण में भी सहायक हो सकती है, यानी यह जड़ी-बूटी अंदर से लेकर बाहर तक शरीर की सुरक्षा करती है.

सेवन के तरीके

अगर गुड़मार के सेवन के तरीकों की बात करें, तो गुड़मार को चूर्ण, काढ़ा, पत्तियों या कैप्सूल के रूप में लिया जा सकता है. कुछ लोग इसे शहद या गुनगुने पानी के साथ लेते हैं, तो कुछ आयुर्वेद विशेषज्ञ इसे आंवला और हल्दी के साथ मिलाकर उपयोग करने की सलाह देते हैं. सही तरीका अपनाकर इसके लाभ लिए जा सकते हैं.

सावधानी भी जरूरी

गुड़मार के कई अद्भुत फायदे हैं. लेकिन, इसके सेवन सावधानी के साथ करना बहुत जरूरी होता है. ज्यादा मात्रा में लेने से ब्लड शुगर बहुत कम हो सकता है, जो खतरनाक हो सकता है. खासकर जो लोग पहले से डायबिटीज की दवाएं ले रहे हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी इसका सेवन विशेषज्ञ के देखरेख में ही करनी चाहिए.



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