Last Updated:
Green vs Yellow Which Kiwi is Better for Health: कीवी को विटामिन्स का पावरहाउस माना जाता है, लेकिन बाजार में मिलने वाली हरी और पीली (गोल्डन) कीवी में चुनाव करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. बाहर से देखने में एक जैसी लगने वाली इन दोनों कीवी के स्वाद, बनावट और पोषण में काफी अंतर होता है. जहां हरी कीवी अपने खास खट्टे-मीठे स्वाद और फाइबर के लिए जानी जाती है, वहीं पीली कीवी अपनी मिठास और भारी मात्रा में विटामिन C के लिए मशहूर है. अगर आप अपनी डाइट में सही कीवी शामिल करना चाहते हैं, तो इनके बीच का यह बारीक फर्क समझना आपके लिए बहुत जरूरी है.
हरी और पीली कीवी दोनों ही सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं, लेकिन अक्सर लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि आखिर खरीदें कौन सी. बाहर से दिखने में भले ये फल एक जैसे लगें, लेकिन इनके स्वाद, पोषक तत्व और शरीर पर असर में थोड़ा अंतर होता है. अगर आप भी हेल्थ को ध्यान में रखकर सही विकल्प चुनना चाहते हैं, तो दोनों कीवी के बीच का फर्क जानना बेहद जरूरी है.

डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि हरी कीवी का स्वाद हल्का खट्टा और ताजगी भरा होता है, जो इसे गर्मियों में बेहद रिफ्रेशिंग बनाता है. इसमें विटामिन C भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है. इसके अलावा इसमें फाइबर भी अच्छा होता है, जो पाचन को दुरुस्त रखता है. अगर आपको हल्का खट्टा स्वाद पसंद है और पेट से जुड़ी दिक्कतें रहती हैं, तो हरी कीवी आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकती है.

वहीं पीली कीवी, जिसे गोल्डन कीवी भी कहा जाता है, स्वाद में ज्यादा मीठी और जूसी होती है. इसमें विटामिन C की मात्रा हरी कीवी से भी ज्यादा होती है, जो स्किन को ग्लोइंग बनाने और शरीर को इंफेक्शन से बचाने में मदद करती है. इसका टेक्सचर मुलायम होता है, जिससे इसे खाना आसान लगता है. जो लोग खट्टा कम और मीठा ज्यादा पसंद करते हैं, उनके लिए पीली कीवी बेहतर चॉइस हो सकती है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

अगर पोषण की बात करें तो दोनों ही कीवी में एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं. हरी कीवी में जहां फाइबर ज्यादा होता है, वहीं पीली कीवी में विटामिन और मिनरल्स की क्वालिटी थोड़ी ज्यादा मानी जाती है. इसलिए अगर आपका फोकस पाचन पर है तो हरी कीवी चुनें, और अगर स्किन और इम्युनिटी पर ध्यान देना है तो पीली कीवी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है.

वजन घटाने वालों के लिए भी कीवी एक शानदार फल है. हरी कीवी में फाइबर ज्यादा होने के कारण यह लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराती है, जिससे ओवरईटिंग से बचा जा सकता है. वहीं पीली कीवी मीठी जरूर होती है, लेकिन इसमें कैलोरी ज्यादा नहीं होती, इसलिए यह भी डाइट में शामिल की जा सकती है. बस मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है ताकि बैलेंस बना रहे.

स्किन के लिए अगर आप खास तौर पर कुछ ढूंढ रहे हैं, तो पीली कीवी आपको बेहतर रिजल्ट दे सकती है. इसमें मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स स्किन को अंदर से हेल्दी बनाते हैं और टैनिंग कम करने में मदद करते हैं. हालांकि हरी कीवी भी स्किन के लिए फायदेमंद है, लेकिन पीली कीवी का असर थोड़ा जल्दी दिख सकता है. इसलिए ग्लोइंग स्किन के लिए इसे डाइट में शामिल करना अच्छा रहेगा.

खरीदते समय भी कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. कीवी हमेशा हल्की सॉफ्ट होनी चाहिए, बहुत ज्यादा सख्त या बहुत ज्यादा गली हुई नहीं होनी चाहिए. हरी कीवी की स्किन पर हल्के बाल होते हैं, जबकि पीली कीवी की स्किन स्मूद होती है. इन छोटे-छोटे अंतर को पहचानकर आप सही और ताजी कीवी खरीद सकते हैं, जिससे आपको पूरा पोषण मिल सके.





