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- आज का सोने का भाव (23 दिसंबर 2025); सोना चांदी का भाव आज का | सोना चांदी का भाव
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सोना- सोया के दाम आज (22 दिसंबर) लगातार दूसरे दिन ऑलटाइम हाई पर पहुंच गए हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के सोना 2,191 रुपये प्रति 1,36,133 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। इससे पहले सोमवार को ये 1,33,970 रुपये पर था।
वहीं 1 किलो चांदी की कीमत 1,523 रुपये प्रति किलो 2,09,250 रुपये तक पहुंच गई है। इससे पहले सोमवार को इसकी कीमत ₹2,07,727/किग्रा थी। दस दिन में चांदी 30,357 रुपए की बनी है। 9 दिसंबर को इसकी कीमत 1,78,893 रुपये प्रति किलो थी।
अलग-अलग शहरों में दरें अलग-अलग क्यों होती हैं?
IBJA के सोने की सीमा में 3% जीएसटी, आभूषण शुल्क, ज्वेलर्स शामिल नहीं है। इसलिए शहरों के रेट अलग-अलग होते हैं। इन रेट्स का उपयोग आरबीआई सोरेन गोल्ड बांड के रेट तय करने के लिए किया जाता है। कई बैंक गोल्ड लोन की रेटिंग तय करने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।
इस साल सोना ₹59,971 और चांदी ₹1,21,710 की कीमत पर बिकी
- इस साल अब तक सोने की कीमत 59,971 रुपये है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपये का था, जो अब 1,36,133 रुपये हो गया है।
- इस दौरान चांदी का भाव 1,23,233 रुपये बढ़ा। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपये थी, जो अब 2,09,250 रुपये प्रति किलो हो गई है।
सोने में तेजी के 3 प्रमुख कारण
- डिफ़ॉल्ट – डॉलर अमेरिका के इंटरेस्ट दर से डॉलर में गिरावट हुई और सोने की स्टॉक कॉस्ट कम हुई, इससे लोग अलग हो गए।
- भूराजनीतिक – रूस-यूक्रेन जंग और दुनिया में तनाव बढ़ने से निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश खरीद रहे हैं।
- रिजर्व बैंक – चीन जैसे देश में अपने रिजर्व बैंक में सोना भर रहे हैं, ये सालभर में 900 टन से ज्यादा की खरीदारी कर रहे हैं, इसलिए दाम ऊपर जा रहे हैं।
चाँदी में तेजी के 3 प्रमुख कारण
- अन्तर्निहित डिज़ाइन – इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और ईवी में भारी इस्तेमाल, चांदी अब सिर्फ शामिल नहीं, जरूरी कच्चा माल बन गया है।
- आख़िर का तरीक़ा डार – अमेरिकी सिल्वर का भारी स्टॉक जमा कर रहे हैं, ग्लोबल कॉमर्स में कमी से ऊपर चढ़े हैं।
- निर्माता कार्यालय में – उत्पादन के डर से सभी पहले से खरीद रहे हैं, इसी वजह से आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहेगी।
आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी हो सकती है
केडिया एड डेज़ीरी के निर्देशक अजय केडिया का कहना है कि सिल्वर की डिजायन में अभी तेजी है जिसके आगे भी बने रहने का अनुमान है। ऐसे में चांदी अगले 1 साल में 2.50 लाख तक जा सकती है। वहीं इस साल के आखिरी तक चांदी की कीमत 2.10 लाख रुपये किलो तक पहुंच सकती है।
वहीं अगर सोने की बात करें तो इसकी डिजाइन भी तेजी से बनी हुई है। ऐसे में अगले साल तक ये 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है। वहीं इस साल के अंत तक इसकी कीमत 1.35 लाख रुपये किलो तक पहुंच सकती है।
सोना मानक समय इन 2 बातें का ध्यान
1. सर्टी डोमेन गोल्ड ही निवेश: फॉरएवर ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टी पिरामिड गोल्ड ही लॉन्च। ये नंबर अल्फ़ान्यूमेरिक यानि कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।
2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और फीचर्स के बारे में बताएं, उसकी कीमत कई एंड्राइड एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट (जैसे इंडिया बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट का अकाउंट अलग-अलग होता है।

शहर में सोने के अलग दाम होने की 4 वजह
1. निवेश के खर्चे: सोना एक चीज है, तो इसे ले जाने में खर्चा लगता है। अधिकतर हवाई जहाज़ हवाई जहाज़ से होते हैं। फिर सोने को समुद्र तट तक पहुंचाया गया है। व्यवसाय के खर्चे में फुल, यात्री, गाड़ी, स्टाफ का पैसा शामिल होता है।
2. सोने की दुकान की मात्रा: सोने की डिक्की शहर और राज्य के खाते से अलग-अलग होती है। दक्षिण भारत में भारत की कुल सोने की आबादी का करीब 40% हिस्सा है। यहां विक्रेता जोर देकर कहते हैं कि सोना आधारित होने से बांध कम होते हैं। वहीं टियर-2 शहरों में बांध बहुमत।
3. लोकोमोटिव एसोसिएशन: जैसे कि तमिल में सोने का रेट ज्वैलर्स एंड डायमंड ट्रेडर्स एसोसिएशन करता है। इसी तरह यूनेस्को में कई और संस्थाएं हैं जो दम तोड़ देती हैं।
4. सोने का खरीद मूल्य: ये सबसे बड़ा कारक है जो अलग-अलग शहरों में सोने के दामों को प्रभावित करता है। जो ज्वैलर्स ने स्टॉक स्टॉक में खरीदारी की, वो कम रेट चार्ज कर सकते हैं।
