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- 2025 में वैश्विक तकनीकी छंटनी: अमेज़ॅन, टीसीएस, इंटेल, माइक्रोसॉफ्ट सहित शीर्ष कंपनियों में 1.1 लाख से अधिक नौकरियों की कटौती
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दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां 2025 में बड़े पैमाने पर ड्रॉ कर रही हैं। Layoffs.fyi वेबसाइट के अनुसार इस साल अब तक 218 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी 1.12 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल चुके हैं।
टीसीएस, माइक्रोसॉफ्ट, नोएडा जैसे बड़े टेक इंजीनियर ले ऑफ में सबसे आगे हैं। कंपनी का कहना है कि एआई टेक्नोलॉजी, एंटरप्राइज इंडस्ट्री और कॉस्ट नॉट के कारण ये चिंताएं जा रही हैं।
सबसे बड़े कर्मचारी निकाले गए
- ईवेंट ने 24 हज़ार की कमाई ख़त्म की: चिप निर्माता कंपनी ने अपने ग्लोबल वर्कफोर्स को लगभग 22% बेसमेंट का निर्णय लिया है, यानी लगभग 24,000 लोगों का क्षेत्र। अमेरिका, जर्मनी, कोस्टा रिका और पोलैंड में सबसे ज्यादा असर होगा। कंपनी पीसी डिजाइन की गिरावट और एआई रेस में पिछड़ने की वजह से यह कदम उठा रही है।

- टी.सी.टी. में अब तक की सबसे बड़ी ड्रॉ: भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी (TCS) ने सितंबर 2025 तक 19,755 कर्मचारियों को आउट किया, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। कंपनी ने बताया कि ऑटोमेशन और एआई फोकस के मिड और सीनियर लेवल के पद खत्म हो रहे हैं। टी-टीर्स का हेडकाउंट अब 6 लाख से भी कम हो गया है।
- अमेरीका ने 14 हजार कर्मचारियों को निकाला: दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी ने 14,000 कंपनी कर्मचारियों को हटाने की घोषणा की है, जो कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी कंपनी है। सीईओ एंडी जेसी ने कहा कि कंपनी को दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म की तरह चलाया जाता है, जैसे कि कंपनी के शेयर कम की जा रही हैं। मीडिया एडिटोरियल के अनुसार ये ड्रैग 30 हजार तक पहुंच सकता है।

- माइक्रोसॉफ्ट से 9 हजार की बढ़त हासिल की: माइक्रोसॉफ्ट ने इस साल 9,000 कर्मचारियों को बाहर निकाला, जो इसके कुल वर्कफोर्स का 4% है। यह कदम एआई और क्लाउडवेस्ट इंमेंट को बढ़ाने के लिए उठाया गया है। कंपनी के अनुसार, नए टेक ट्रेंड्स में निवेश करना है, इसलिए कुछ छूट जरूरी है।
- गूगल, मेटा, सेल्सफोर्स में भी खींचें: Google ने वीडियो और हार्डवेयर हार्डवेयर से सैकड़ों कर्मचारियों को हटा दिया है। मेटा (फेसबुक) ने एआई टीम से 600 लोगों को याद दिलाते हुए कहा कि कम आंकड़ों में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। सेल्सफोर्स के 4,000 सपोर्ट जॉब खत्म हो गए, क्योंकि अब उसका एआई सिस्टम से ज्यादातर कस्टमर चैट्स खुद संभाल रही है।
- यूपीएस से 48 हजार लोगों को मिली नौकरी: स्टॉक कंपनी यूपीएस ने सबसे ज्यादा एक साथ 48,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला। इसमें 34 हजार ऑपरेशनल और 14 हजार लेजर रोल्स शामिल हैं। कंपनी ने अमेरिका में 93 हजार यूनिट्स और अब 400 यूनिट्स ऑटोमेटेड करने की योजना बनाई है।
अन्य संगठनों से भी निकाले गए कर्मचारी
- एक्सेंचर: 11 हजार से ज्यादा नौकरियां खत्म; कंपनी एआई-फोकस मॉडल पर शिफ्ट कर रही है।
- सिस्को: 4,250 नौकरियां कट कीं, कंपनी की वेबसाइट से सॉफ्टवेयर की ओर बढ़ रही है।
- फ़ोर्ड: इलेक्ट्रिक सामानों पर फोकस के चलते 13,000 डॉलर की गिरावट चल रही है।
- पीडब्ल्यूसी: ग्लोबली 5,600 कर्मचारी आउट हो गए, ज्यादातर कोचिंग और टैक्स डिवीजन से।
- पैरामाउंट: 2,000 नौकरियाँ खत्म, स्ट्रीम में नुकसान की वजह से।
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कंपनी के सीईओ एंडी जेसी ने कंपनी में हो रही नई ड्रैग पर कहा है कि यह निर्णय लागत में कटौती या आर्टिस्टिक सोसायटी की वजह से नहीं है, बल्कि कंपनी के कलचर को बेहतर करने के लिए लिया गया है। हाल ही में कंपनी ने करीब 14 हजार सरकारी कर्मचारियों को निकाला है। पूरी खबर पढ़ें…
