दिल्ली के सरकारी स्वामी दयानंद अस्पताल में अब मरीजों को डबल सहूलियत मिलने वाली है. ओपीडी कार्ड बनवाने के नाम पर दलालों की वसूली से परेशान मरीजों को अब कोई पैसा नहीं खर्च करना पड़ेगा, साथ ही बिना लंबी लाइनों में लगे फटाफट ओपीडी रजिस्ट्रेशन भी हो सकेगा. इसके लिए अस्पताल में क्यूआर कोड सिस्टम लगाया गया है.
दिल्ली के दिलशाद गार्डन स्थित नगर निगम संचालित इस सरकारी अस्पताल में भ्रष्टाचार को लेकर शिकायतें आ रही थीं, साथ ही जो मरीज दलालों को पैसा नहीं देते थे, उन्हें ओपीडी रजिस्ट्रेशन में लंबा इंतजार करना पड़ता था, हालांकि अब क्यूआर कोड सिस्टम होने से बेईमानी पर लगाम लगेगी और पूरा प्रोसेस मरीजों की आंखों के सामने होगा.
अस्पताल की ओर से बताया गया कि इस पहल का मकसद उन दलालों (टाउट्स) पर रोक लगाना है, जो अक्सर मरीजों से OPD कार्ड बनवाने या रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को तेज करने के नाम पर पैसे वसूलते हैं.
इसके तहत अस्पताल की पहली और दूसरी मंजिल पर QR कोड लगाए गए हैं. मरीज इन कोड को स्कैन करके टोकन नंबर प्राप्त कर सकते हैं. इस टोकन नंबर के जरिए वे पहले काउंटर पर जाकर अपनी बीमारी बताकर कार्ड ले सकते हैं और फिर सीधे डॉक्टर के कमरे में परामर्श के लिए जा सकते हैं.
स्वामी दयानंद अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुनीता कुजूर ने बताया कि यह प्रणाली उपयोग में आसान है और सभी मरीजों के लिए उपलब्ध है. मरीज या उनके साथ आए परिजन इस क्यूआर कोड के पेटीएम (Paytm) या फोन पे (PhonePe) जैसे ऐप के माध्यम से QR कोड स्कैन कर सकते हैं. स्कैन करने के बाद उन्हें एक OTP मिलेगा, जिसे दर्ज करने के बाद टोकन नंबर जनरेट हो जाएगा.’
‘टोकन नंबर मिलने के बाद मरीज काउंटर स्टाफ को अपना टोकन नंबर और जिस बीमारी के लिए परामर्श लेना है, उसकी जानकारी दे सकते हैं. इसके बाद OPD कमरों के बाहर लगे डिस्प्ले बोर्ड पर उनका टोकन नंबर दिखाई देगा, जिससे उन्हें पता चल जाएगा कि डॉक्टर से मिलने की उनकी बारी कब है.’
डॉ. कुजूर के अनुसार, यह नई व्यवस्था प्रक्रिया में बिचौलियों की दखल को कम करेगी और रजिस्ट्रेशन को अधिक पारदर्शी बनाएगी. साथ ही जो मरीज पारंपरिक तरीके से OPD कार्ड बनवाना चाहते हैं, उनके लिए लाइनों में लगकर काउंटर से कार्ड बनवाने की पुरानी व्यवस्था भी जारी रहेगी. ताकि किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े.
बता दें कि दिलशाद गार्डन स्थित यह अस्पताल पूर्वी दिल्ली का सबसे पुराना अस्पताल है. इसे नगर निगम की ओर से स्थापित किया गया था और उसी के द्वारा संचालित है. यहां मरीजों के लिए 370 बेड की सुविधा है. यहां करीब 45 बेड पर ऑक्सीजन सपोर्ट है. साथ ही 10 बेड एचडीयू वाले हैं.





