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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने पाकिस्तान के लिए कुल 1795 आवेदन भेजे थे. होम मिनिस्ट्री ने इसमें से 32 लोगों के आवेदन पूरी तरह खारिज कर दिए. सिर्फ 1763 श्रद्धालुओं को ही पाकिस्तान जाने की मंजूरी मिली है. पाकिस्तान हाई कमीशन ने भारत से 2800 से ज्यादा लोगों को वीजा दिया था. लेकिन अंतिम फैसला भारत सरकार की सुरक्षा जांच के बाद ही हुआ है. बैसाखी का यह उत्सव पाकिस्तान में 10 से 19 अप्रैल 2026 तक चलेगा.
भारत नेे 32 श्रद्धालुओं के आवेदन किए पूरी तरह खारिज कर दिए हैं. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. बैसाखी के अवसर पर पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारों के दर्शन के लिए जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं के जत्थे को लेकर इस वर्ष अतिरिक्त सतर्कता बरती गई है. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा कुल 1795 वीज़ा आवेदन भेजे गए थे, जिनमें से 1763 श्रद्धालुओं को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई, जबकि 32 आवेदनों को खारिज कर दिया गया.
सूत्रों के अनुसार, इस बार गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा आवेदनों की अतिरिक्त जांच की गई. इसके पीछे पिछले वर्ष का एक मामला प्रमुख कारण माना जा रहा है, जब जत्थे में शामिल सरबजीत कौर नामक एक महिला श्रद्धालु ने पाकिस्तान में विवाह कर लिया था. इसी घटना के बाद सुरक्षा और निगरानी को लेकर केंद्र ने सख्ती बढ़ाई है.
हालांकि, पाकिस्तान द्वारा सभी आवेदकों को वीज़ा जारी कर दिया गया था, लेकिन अंतिम अनुमति भारत सरकार की सुरक्षा जांच के आधार पर ही दी गई. बैसाखी उत्सव के अवसर पर, नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग ने भारत से 2800 से अधिक तीर्थयात्रियों को वीज़ा जारी किए थे, ताकि वे 10 से 19 अप्रैल 2026 तक पाकिस्तान में आयोजित होने वाले वार्षिक उत्सव में भाग ले सकें.
इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के प्रवक्ता गुलाम मोहयुद्दीन ने ‘पीटीआई’ को बताया, “बैसाखी और 327वें खालसा जन्म दिवस के अवसर पर पाकिस्तान ने भारत से सिख श्रद्धालुओं को 2,800 से अधिक वीजा जारी किए हैं.” उन्होंने कहा कि भारत से सिख श्रद्धालु 10 अप्रैल को वाघा सीमा के रास्ते पहुंचेंगे. उन्होंने बताया कि मुख्य समारोह 14 अप्रैल को हसन अब्दाल स्थित गुरुद्वारा पंजा साहिब में आयोजित होगा. हसन अब्दाल लाहौर से करीब 400 किलोमीटर दूर है.
पाकिस्तान में वार्षिक बैसाखी मेले में भाग लेने के अलावा, भारत से आए सिख श्रद्धालु गुरुद्वारा जन्म स्थान ननकाना साहिब और करतारपुर साहिब भी जाएंगे. प्रवक्ता ने बताया कि भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और आतिथ्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को पंजाब गृह विभाग में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई.





