F 35 Fighter Jet News: Donald Trump News | F 35 Radar Delivery – अमेरिकी सेना को मिलेंगे बिना रडार वाले F 35 फाइटर जेट


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अमेरिका के F-35 फाइटर जेट बिना रडार के डिलीवर किए जाएंगे, क्योंकि नए APG-85 रडार में देरी हो रही है. ऐसे जेट उड़ तो सकेंगे, लेकिन युद्ध में इस्तेमाल नहीं होंगे. अगर देरी जारी रही, तो 100 से ज्यादा जेट प्रभावित हो सकते हैं. इससे अमेरिका की वास्तविक सैन्य क्षमता पर असर पड़ सकता है.

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वॉशिंगटन: अमेरिका के सबसे एडवांस माने जाने वाले F-35 फाइटर जेट प्रोग्राम पर बड़ा तकनीकी संकट खड़ा हो गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल के अंत से अमेरिकी सेना को मिलने वाले नए F-35 जेट बिना रडार के डिलीवर किए जाएंगे. इसका सीधा असर यह होगा कि ये जेट लड़ाई के लिए इस्तेमाल नहीं किए जा सकेंगे और सिर्फ ट्रेनिंग तक सीमित रहेंगे. यह खबर ऐसे समय में आई है जब हाल ही में ईरान अमेरिका के युद्ध में ईरान ने अमेरिकी F-35 को नुकसान पहुंचाया.

F-35 बिना रडार के क्यों होंगे?

दरअसल समस्या नए APG-85 रडार से जुड़ी है, जिसे F-35 के अपग्रेडेड वर्जन के लिए तैयार किया जा रहा है. यह रडार पुराने APG-81 से अलग डिजाइन का है, जिसके कारण जेट के अंदर की संरचना यानी ‘बल्कहेड’ भी बदला गया है. लेकिन रडार के डेवलपमेंट और सर्टिफिकेशन में देरी के कारण जेट पहले तैयार हो रहे हैं और रडार बाद में.

F-35 बिना रडार के किस काम आएंगे?

ऐसे में जिन जेट्स में नया रडार लगना था, उनमें फिलहाल ‘बैलास्ट’ यानी वजन संतुलन के लिए खाली जगह भर दी जाएगी. इसका मतलब यह है कि जेट उड़ तो सकेगा, लेकिन उसके पास दुश्मन को ट्रैक करने या हमला करने की असली क्षमता नहीं होगी. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे जेट पूरी तरह हवा में अच्छे से उड़ सकेंगे. लेकिन उन्हें ‘कॉम्बैट-कोडेड’ नहीं माना जाएगा. यानी इन्हें युद्ध में नहीं भेजा जा सकेगा. इन्हें सिर्फ सीमित ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. सशस्त्र सेवा सामरिक वायु और भूमि बल उपसमिति के अध्यक्ष, सांसद रॉब विटमैन ने पुष्टि की कि नए विमानों को रडार के स्थान पर बैलास्ट के साथ डिलीवर किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जेट उड़ान भरने योग्य है.

किसे मिलेंगे F-35 जेट?

सबसे पहले अमेरिकी मरीन कॉर्प्स को ऐसे F-35B जेट मिलने की उम्मीद है. इसके बाद एयरफोर्स और नेवी के F-35A और F-35C वर्जन भी इसी समस्या से प्रभावित हो सकते हैं. अगर रडार में देरी जारी रही, तो आने वाले दो साल में 100 से ज्यादा जेट बिना रडार के डिलीवर हो सकते हैं.

F-35 प्रोग्राम पर उठे सवाल

इस पूरी स्थिति ने F-35 प्रोग्राम की योजना पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि जेट और रडार के विकास को एक साथ चलाने का फैसला जोखिम भरा था. अब इसका नतीजा यह है कि सेना के पास जेट तो होंगे, लेकिन वे असली लड़ाई के लिए तैयार नहीं होंगे. विशेषज्ञों के मुताबिक, F-35 जैसे स्टील्थ जेट के लिए रडार बेहद अहम होता है. इसके बिना जेट ‘करीब-करीब अंधा’ हो जाता है. हालांकि इसमें अन्य सेंसर और डेटा लिंक सिस्टम होते हैं, लेकिन वे रडार की पूरी भरपाई नहीं कर सकते. इस बीच लॉकहीड मार्टिन ने कहा है कि वह सरकार के निर्देशों के अनुसार जेट डिलीवर कर रही है और रडार की जिम्मेदारी सरकारी एजेंसियों की है.

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Yogendra Mishra

योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें



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