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Heatwave Children Safety Tips: गर्मी का मौसम शुरू होते ही बच्चों की सेहत को लेकर सावधानी बरतना बेहद जरूरी हो जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार तेज गर्मी और हीटवेव बच्चों में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है. उम्मेद अस्पताल के डॉक्टर मोहन मकवाना ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को अधिक देर तक धूप में खेलने से बचाएं और उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी व तरल पदार्थ पिलाएं. हल्के और सूती कपड़े पहनाना भी जरूरी है. इसके अलावा बच्चों को ताजे फल और पौष्टिक आहार देना चाहिए.
जोधपुर। शहर में गर्मी का असर लगातार बढ़ने लगा है और इसके साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता भी बढ़ रही है. उम्मेद अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ व अधीक्षक डॉ. मोहन मकवाना ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में बच्चों की विशेष देखभाल करना बेहद जरूरी है.बच्चे पूरी तरह अपने माता-पिता और परिवार पर निर्भर होते हैं, इसलिए उन्हें समय पर खाना-पानी देना और तेज गर्मी से बचाकर रखना परिवार की जिम्मेदारी है.
डॉ. मकवाना ने बताया कि जैसे ही गर्मी का मौसम आता है, सबसे ज्यादा जोखिम बच्चों में ही देखने को मिलता है. छोटे बच्चे अक्सर खेलते-खेलते धूप और गर्मी का अंदाजा नहीं लगा पाते. खासकर राजस्थान में तापमान काफी ज्यादा रहता है, ऐसे में बच्चों को तेज धूप में ज्यादा देर तक बाहर नहीं रहने देना चाहिए. गर्मी के कारण बच्चों में डिहाइड्रेशन, लू और गर्मी से जुड़ी अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है.
बच्चों को बार-बार तरल पदार्थ पिलाने और धूप से बचाने की सलाह
उन्होंने कहा कि अभिभावक बच्चों को बार-बार पानी और अन्य तरल पदार्थ जैसे छाछ, नींबू पानी या घर का बना हल्का पेय पिलाते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो. बच्चों को हल्का और ताजा भोजन दें तथा बाहर की खुली या बासी चीजें खाने से बचाएं. कोशिश करें कि बच्चे ठंडी और छायादार जगह पर रहें और दोपहर के समय तेज धूप में बाहर खेलने से परहेज करें.हल्के और सूती कपड़े पहनाने से भी गर्मी से राहत मिलती है.
उम्मेद अस्पताल में बढ़ रही बच्चों की ओपीडी
उम्मेद अस्पताल में इन दिनों रोजाना बड़ी संख्या में बच्चों की ओपीडी हो रही है.गर्मी बढ़ने के साथ उल्टी, दस्त, बुखार और डिहाइड्रेशन जैसी शिकायतों के साथ कई बच्चे अस्पताल पहुंच रहे हैं. डॉ. मकवाना ने कहा कि यदि बच्चे में कमजोरी, चक्कर, बुखार या उल्टी जैसी समस्या दिखाई दे तो लापरवाही न करें और तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें. समय पर सावधानी और देखभाल से बच्चों को गर्मी के दुष्प्रभाव से बचाया जा सकता है.
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