भले ही सीजफायर हो गया, होर्मुज खुल जाए, पर अड़ गई भारत सरकार! उद्योगों के बूस्टर डोज पर आज मुहर


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ईरान और अमेर‍िका के बीच सीजफायर का ऐलान हो गया है. दो हफ्ते तक युद्ध व‍िराम की घोषणा के साथ ही होर्मुज खुलने की भी संभावना है लेक‍िन इसके बावजूद भारत सरकार एमएसएमई के लिए ईसीएलजीएस पुनर्जीवित कर 2.25 लाख करोड़ का पैकेज और बीमा कंपनियों के लिए 12 हजार करोड़ का पूल फंड ला सकती है.

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भारत सरकार सीजफायर के बावजूद उद्योगों को राहत पैकेज दे सकती है.

Relief package for Indian Industries: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के बावजूद केंद्र सरकार उद्योगों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है. वित्त मंत्रालय की व्यय वित्त समिति (EFC) ने पहले ही प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. पैकेज को आज बाद में होने वाली कैबिनेट बैठक में अंतिम अनुमोदन मिलने की संभावना है.

CNBC आवाज के सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, राहत पैकेज को दो हिस्सों में बांटा गया है. पहला माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) के लिए इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) को पुनर्जीवित करना. इसके लिए करीब ₹2.25 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसे EFC पहले ही मंजूर कर चुकी है.

दूसरा है बीमा कंपनियों के लिए ₹12,000 करोड़ का इंश्योरेंस पूल फंड बनाने का प्रस्ताव. यह फंड खाड़ी देशों (Gulf) में बढ़े हुए बीमा प्रीमियम की समस्या का समाधान करेगा और निर्यातकों को बढ़ती लागत से राहत देगा.

यह कदम उन निर्यातकों और उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण है जो पश्चिम एशिया संकट के दौरान ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और बीमा लागत में उछाल से प्रभावित हुए हैं. युद्धविराम के बाद नीतियों में फिर से समायोजन (policy recalibration) की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

ट्रंप की शर्तों वाला युद्धविराम
यह विकास अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट के कुछ घंटों बाद आया है. ट्रंप ने ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की है. उन्होंने लिखा, ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत हो जाए, तो मैं ईरान पर बमबारी और हमले को दो सप्ताह के लिए निलंबित करने को तैयार हूं. यह दोनों पक्षों का युद्धविराम होगा!’

ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका ने अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर लिया है और ईरान के साथ लंबे समय के शांति समझौते की दिशा में काफी प्रगति हो चुकी है.
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज संकट टलने से वैश्विक तेल आपूर्ति और शिपिंग रूट्स पर तत्काल दबाव कम होगा, लेकिन भारतीय उद्योग अभी भी पिछले कुछ हफ्तों के नुकसान से जूझ रहे हैं. MSMEs और निर्यात क्षेत्र में लिक्विडिटी की कमी और बढ़ी लागत को देखते हुए सरकार का यह राहत पैकेज समय पर आया है.

कैबिनेट की मंजूरी के बाद पैकेज के क्रियान्वयन की रूपरेखा जल्द स्पष्ट होने की उम्मीद है. इससे उद्योगों को नई ऊर्जा मिलने और रोजगार पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी.

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प्रिया गौतमSenior Correspondent

Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें



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