रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें गिरीं, जैसा कि पिछले 12 वर्षों में सात अलग-अलग मौकों पर हुआ, भारत में उपभोक्ता कीमतें कम नहीं हुईं। आज की घोषणा विधानसभा चुनाव के कारण है, 30 अप्रैल तक इंतजार करें।’’
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘अगर आपने पेट्रोल और डीजल की कीमतें ‘कम होने’ की सुर्खियां देखीं और सोचा कि सरकार ने आपकी जेब को राहत दी है तो आप गलत हैं। फिलहाल, डीलरों और उपभोक्ताओं के लिए कीमतें समान हैं।’’
उन्होंने कहा कि वास्तव में ‘विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क’ को कम किया गया है जो तेल विपणन कंपनियों द्वारा सरकार को भुगतान किए जाने वाला शुल्क है।





