नई दिल्ली7 मिनट पहले
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16 मार्च को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कांग्रेस चुनाव का शेड्यूल बताया।
कांग्रेस चुनाव की मतगणना से पहले चुनाव आयोग आज दिल्ली में दोपहर 12:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। ऐसा पहली बार हुआ है जब आयोग ने वोटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है।
1952 से अबतक के किसी भी कांग्रेस चुनाव के दौरान आयोग ने वोटिंग के बाद और रिजल्ट के पहले कभी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं बुलाई है।
इससे पहले चुनाव आयोग ने 16 मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें कांग्रेस ने 4 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखें घोषित की थीं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव आयोग इस कॉन्फ्रेंस में 4 जून को होने वाली मतगणना को लेकर जानकारी साझा कर सकता है।
विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग पर मतदान प्रतिशत देरी से जारी करने का आरोप लगाया था, आयोग इसे लेकर भी बयान जारी कर सकता है।
इसके अलावा रविवार को एनडीए और भारतीय गठबंधन के नेताओं के प्रतिनिधियों ने अलग-अलग चुनाव आयोग के दिल्ली मुख्यालय की मतगणना को लेकर अपनी मांग रखी। इस पर आज भी चर्चा की जा सकती है।
INDI गठबंधन की चुनाव आयोग से पांच मांगे

भारतीय गठबंधन के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को चुनाव आयोग से मिला। इसमें अभिषेक मनु सिंघवी, डी राजा, राम गोपाल यादव, संजय यादव, नासिर हुसैन, सलमान खुर्शीद और सीताराम येचुरी शामिल थे। लेख गिनती को EC से पांच मांगें रखीं।
प्रथम: पोस्टल बैलट के रिजल्ट EVM के रिजल्ट से पहले जारी किए जाएं।
दूसरा: नियमों के तहत गिनती हो, पर्यवेक्षक इन नियमों को लागू करेगा।
३: कोरा की सीसीटीवी से मॉनिटरिंग हो और कंट्रोल यूनिट का सत्यापन हो।
पांचवा: मशीन से जो डेटा आएगा उसे कन्फर्म किया जाएगा।
पांचवी: जब ईवीएम को सील किया जाता है, तो उसे सत्यापित करने के लिए काउंटिंग एजेंट होते हैं। काउंटिंग के दौरान उसे रीकन्फर्म किया गया।
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ‘हम गठबंधन के नेता तीसरी बार एक साथ चुनाव आयोग आए हैं। हमने हमारे सुझावों को चुनाव आयोग को बताया और चर्चा की।’ पूरी खबर पढ़ें…
भाजपा नेताओं ने भी चुनाव आयोग से मुलाकात की

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद मीडिया से बात की।
इंडिया ब्लॉक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल समेत कई भाजपा नेताओं ने भी चुनाव आयोग से मुलाकात की। पीयूष गोयल ने मीडिया को बताया कि कांग्रेस और उनके सहयोगी भारतीय गठबंधन ने लगातार भारतीय चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। इस ठोस चुनावी प्रक्रिया पर इन हमलों ने मिलकर आरोप लगाए हैं, और वे इस लोकतांत्रिक संस्था पर हमला कर रहे हैं।
इसे हमने चुनाव आयोग के सामने रखा है। हमारी पहली मांग है कि वोट काउंटिंग में लगा चुनाव आयोग का हर अधिकारी इसकी प्रक्रिया को अच्छी तरह से जानता हो और चुनाव आयोग के सभी प्रोटोकॉल का पालन करे। दूसरा, गिनती और खातों के बदलने के समय प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। तीसरा, संरचनात्मक प्रक्रिया को कमजोर करने की लगातार कोशिशें करें और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें।
खडगे ने वोटिंग डेटा में गलती की धमकी दी थी, EC ने कहा था- सोच-समझकर बयान दें
चुनाव आयोग ने 30 अप्रैल को कांग्रेस चुनाव के दो फेज की वोटिंग के बाद अंतिम आंकड़े जारी किए थे। इस पर खड्गे ने सवाल उठाए थे। खड्गे ने कहा था कि पहले चुनाव आयोग 24 घंटे के अंदर यह बता देता था कि कितने फीसदी वोटिंग हुई है, लेकिन इस बार देरी हो रही है, इसकी वजह क्या है?
खड्गे के सवाल उठाने पर आयोग ने कहा था कि खड्गे ऐसे आरोप पैकेचन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे आरोपों से लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनती है और चुनाव प्रक्रिया में परेशानी होती है। राग की भागीदारी पर नकारात्मक प्रभाव डाला जा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
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कांग्रेस चुनाव के सभी 7 चरणों में 65.14% मतदान: 46 दिन की प्रक्रिया, 1952 के बाद सबसे लंबा चुनाव; प्रधानमंत्री और 43 मंत्री मैदान में थे

देश में 18वीं लोकसभा के लिए चुनाव खत्म हो चुका है। अब 4 जून को नतीजे आएंगे। 7 राज्यों में 28 राज्यों और 8 केन्द्र शासित प्रदेशों की 542 सीटों पर लगभग 65.14% मतदान हुआ।
19 अप्रैल से 4 जून तक चलने वाली यह चुनाव प्रक्रिया कुल 46 दिनों की है। यह 1952 के बाद का सबसे लंबा समय तक चलने वाला चुनाव है, 1952 में चुनावी प्रक्रिया 4 महीने तक चली थी। पूरी खबर पढ़ें….
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