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दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र संघ यानी डूसू के संयुक्त सचिव और एबीवीपी नेता दीपिका झा को 2 महीने के लिए एसोसिएट कर दिया गया है। झा पर बीआर कॉम कॉलेज के प्रो. सुजीत कुमार पर बिजली से मारने का आरोप था। यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने सोमवार, 17 नवंबर की शाम को यह कार्रवाई की है।
ड्रॉप लॉन्च में उन्हें किसी भी डीयू आवेदन में छात्र नेता की एंट्री की मंजूरी नहीं मिलेगी। हालाँकि, वो अपने शिष्यापीठ में शामिल हो गया।
2 महीने बाद व्यवहार की समीक्षा प्रशासन प्रशासन
इससे पहले 16 अक्टूबर को बीआर कॉम कॉलेज के ऑफिस में कॉलेज की अनुशासित समिति के निदेशक प्रोफेसर सुजीत कुमार के साथ बैठक चल रही थी। युनिवर्सिटी, ज्योति नगर स्टेशन के SHO और अन्य जगह-जगह मौजूद थे।
आरोप है कि बहस के दौरान दीपिका झा ने प्रोफेसर से बातचीत की। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई थी और उसका वीडियो भी सामने आया था। जांच समिति ने तीन महीने के लिए निलंबन की समीक्षा का निर्णय लिया, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने 2 महीने बाद व्यवहार की समीक्षा करने का निर्णय लिया।
पीड़ित प्रोफेसर सुजीत कुमार कॉलेज के अनुशासित समिति के सदस्य हैं। आरोप है कि हाल ही में कॉलेज में कुछ छात्रों के साथ की गई थी, जिसमें एबीवीपी के सदस्य का नाम सामने आया था। विशेष समिति की जांच कर रही थी।
शिक्षक संघ अन्य में
दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन यानी DUTA पैलर्स को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई थी। DUTA ने पत्र में लिखा था, ‘मुझे जानकर बहुत दुख हुआ है कि बीआर कॉम कॉलेज के एक सीनियर फैकल्टी में इसने अपनी स्नातक की उपाधि प्राप्त की है, कॉलेज के अंदर छात्रों के समूह ने व्लादिमी मारा और स्कॉलरशिप पर हमला किया। इस तरह की हिंसा किसी भी शैक्षणिक संस्थान में कहीं नहीं है। यह अस्सिटेंट का अपमान है।’
प्रोफ़ेसर ने दी गाइ गॉलियंस-डेपिको झा
इस मामले में डूसू जॉइंट सैंटियागो डॉक्टर झा ने सफाई दी थी। दीपिका ने कहा कि प्रोफेसर कुमार छात्रों के साथ काम कर रहे थे। इसकी शिकायत कई साधकों ने की और इसके बाद दीपिका ने परिसर का दौरा किया था।
दीपिका ने कहा, ‘प्रिंसिपल और सहयोगियों के सहयोगी प्रोफेसर सुजीत सिंह ने मुझे गालियां और धमकाया बताया। मैंने बार-बार अधिकारियों से हस्तक्षेप की पेशकश की लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया। उनके आक्रामक व्यवहार, लगातार शराबी और गलत अपराधियों से साफ था कि वो शराब के नशे में थे।’
अपने पर पर्दा डाला गया
दीपिका झा ने कहा था कि उन्होंने ऐसा किया और वो इसे लेकर अब माफ़ मांग रही हैं। दीपिका ने कहा था, ‘मैं पूरे शिक्षक समाज से माफ़ी मांगती हूं। ‘मुझे अपने पर पछतावा है।’
एबीवीपी के प्रचारक हैंदीपक
दीपिका झा ने पिछले महीने एबीवीपी यानी अखिल भारतीय छात्र परिषद की ओर से एसोसिएटेड काउंसिल के पद पर नामांकन दाखिल किया था। एनएसयूआई के लवकुश बधाना को मिली हार।

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