धर्मनगरी डोंगरगढ़ में 12 जनवरी 2026, दिन सोमवार को प्रातः 8:30 बजे 108 पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज जी ससंघ सहित 25 मुनिराजों का भव्य मंगल प्रवेश होने जा रहा है।
श्री दिगम्बर जैन समाज डोंगरगढ़ के अध्यक्ष श्री अनिल जैन ने सभी साधर्मी बंधुओं से आग्रह किया है कि वे प्रातः 8:30 बजे कॉलेज ग्राउंड स्टेडियम पहुँचे और संघ की भव्य अगवानी में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करें।
मंगल प्रवेश शोभायात्रा कचहरी चौक से भगत सिंह चौक होते हुए श्री दिगम्बर जैन मंदिर पहुँचेगी, जहाँ मंगल प्रवचन का आयोजन होगा। तत्पश्चात जैन भवन में मुनि संघ की आहार चर्या संपन्न होगी।
दोपहर में पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज जी ससंघ, श्री दिगम्बर जैन चंद्रगिरी तीर्थ क्षेत्र एवं आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज जी के समाधि स्थल के दर्शनार्थ प्रस्थान करेंगे।
जानकारी के अनुसार, आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज जी का जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। उनका गृहस्थ नाम राजेंद्र लाला रहा, जिन्होंने आचार्य श्री 108 विरागसागर जी महाराज से दीक्षा लेकर तपस्या और पदयात्रा के माध्यम से समाज मार्गदर्शन का कार्य किया।
1989 में क्षुल्लक दीक्षा, 1991 में ऐलक और मुनि दीक्षा प्राप्त कर, 31 मार्च 2007 को उन्हें आचार्य पद से सुशोभित किया गया।
उन्होंने अब तक एक लाख पाँच हजार किलोमीटर से अधिक की पदयात्राएँ की हैं, जिनके लिए उन्हें अमेरिका द्वारा ‘पट्टाचार्य वात रसायन’ की उपाधि भी प्रदान की गई है।
आचार्य श्री अपनी गहन आध्यात्मिक साधना, प्रवचनों और समाज सेवा के लिए पूरे जैन समाज में सम्मानित हैं।
डोंगरगढ़ में यह मंगल प्रवेश आयोजन पूरे क्षेत्र के जैन समाज के लिए अत्यंत ऐतिहासिक और श्रद्धा से परिपूर्ण क्षण होगा।
