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डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान अगर समझौते का पालन नहीं करता तो अमेरिका बड़ा हमला कर सकता है. अमेरिकी सेना ईरान के आसपास तैनात रहेगी. इस बीच होर्मुज और लेबनान को लेकर तनाव बढ़ा है. ईरान ने इसे फिर बंद कर दिया है. सीजफायर कमजोर होता दिख रहा है और हालात फिर युद्ध की ओर बढ़ सकते हैं.
ईरान ने फिर दी धमकी.
वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच 10 सूत्रीय सीजफायर के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल आज इस्लामाबाद पहुंचेगा. वहीं दूसरी तरफ सीजफायर के ऐलान के बावजूद तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक ईरान पूरी तरह ‘रीयल एग्रीमेंट’ का पालन नहीं करता, तब तक अमेरिकी सेना उसके आसपास तैनात रहेगी और जरूरत पड़ने पर हमला हो सकता है. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका के सभी युद्धपोत, विमान और सैन्य बल ईरान के आसपास ही मौजूद रहेंगे. उन्होंने साफ किया कि यह तैनाती इसलिए है ताकि ईरान समझौते की शर्तों का पूरी तरह पालन करे.
जरूरत पड़ने पर हमला करेंगे- ट्रंप
ट्रंप ने अपने बयान में सख्त लहजा अपनाते हुए कहा कि अगर समझौते का पालन नहीं हुआ तो हालात और ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी भी कारण से डील नहीं मानी गई तो पहले से कहीं ज्यादा बड़ा और ताकतवर हमला किया जाएगा. इस बयान के साथ ही ट्रंप ने एक बार फिर अमेरिका की पुरानी मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाना होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य हर हाल में खुला और सुरक्षित रहना चाहिए. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और जरूरत पड़ने पर अगली कार्रवाई के लिए भी तैयार बैठी है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैन्य ताकत किसी भी समय कार्रवाई कर सकती है.
सीजफायर क्या टूट जाएगा?
इस बीच सीजफायर की स्थिति भी कमजोर होती नजर आ रही है. ईरान ने लेबनान पर इजरायल के हमलों के बाद होर्मुज को फिर से बंद कर दिया, जिस पर व्हाइट हाउस ने कड़ी आपत्ति जताई. प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और कहा कि जलमार्ग खुला रहना चाहिए. जमीन पर भी हालात बिगड़ते जा रहे हैं. लेबनान में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष तेज हो गया है. बेरूत में हुए हमलों में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. उधर ईरान और अमेरिका के बीच समझौते की शर्तों को लेकर भी बड़ा विवाद बना हुआ है. ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर कालीबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में बातचीत आगे बढ़ाना सही नहीं है. उनका आरोप है कि अमेरिका और इजराइल दोनों ने समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है.
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योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें





