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Iran-US War Donalad Trump Impact: ईरान-अमेरिका युद्ध में डोनाल्ड ट्रंप सिर्फ खाड़ी में ही नहीं अपने भी घर में घिरे हुए हैं. रॉयटर्स के ताजा सर्वे कम से कम ऐसा ही कह रहे हैं कि इस युद्ध ने उनकी लोकप्रियता को बड़ा धक्का पहुंचाया है. हाल ये है कि अगर आज चुनाव हो, तो ट्रंप अभी हार जाएंगे.
डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता गिरी. (AI Image)
Donald Trump Impact News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता इन दिनों तेजी से गिर रही है. रॉयटर्स के ताजा सर्वे के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप उनके समर्थन की दर घटकर 36 प्रतिशत रह गई है. यह उनके दूसरे कार्यकाल में सबसे कम स्तर है. महंगाई, खासकर ईंधन की बढ़ती कीमतों और ईरान के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध ने जनता को नाराज कर दिया है. सिर्फ एक हफ्ते पहले यह आंकड़ा 40 प्रतिशत था, लेकिन ईरान युद्ध और उसके आर्थिक प्रभाव ने सब बदल दिया. सर्वे में शामिल 62 प्रतिशत लोगों ने ट्रंप के कामकाज को नापसंद किया.
ईंधन की कीमतों में उछाल ने आम अमेरिकी की जेब पर सीधा बोझ डाला. युद्ध शुरू होने के बाद तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. इससे न सिर्फ पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ, बल्कि पूरे देश में मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ गया. एक चौथाई से भी कम लोग ट्रंप के जीवनयापन संबंधी नीतियों से संतुष्ट हैं. ईरान पर अमेरिकी हमलों को मंजूरी देने वाले सिर्फ 35 प्रतिशत बचे हैं, जो पिछले हफ्ते 37 प्रतिशत था. 61 प्रतिशत लोग इस युद्ध के खिलाफ हैं. ईरान युद्ध ट्रंप की सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है.
अभी चुनाव हो तो हार जाएंगे ट्रंप ?
फरवरी में शुरू हुआ यह संघर्ष अब तीन हफ्ते से ज्यादा का हो चुका है. ट्रंप ने इसे पूर्ण समाधान का नाम दिया था, लेकिन हकीकत में यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था और जनमत दोनों को खोखला कर रहा है. ईरान ने जवाबी हमले किए, इजरायल पर मिसाइलें दागीं और खाड़ी क्षेत्र में तेल आपूर्ति प्रभावित हुई. नतीजा? गैसोलीन की कीमतें 20-30 प्रतिशत तक बढ़ गईं. मध्यवर्गीय परिवारों में गुस्सा बढ़ रहा है. अगर अभी राष्ट्रपति चुनाव हो जाएं तो ट्रंप की हार तय मानी जा रही है. कारण साफ है- ईरान युद्ध. सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि युद्ध-विरोधी भावना ने ट्रंप के पारंपरिक समर्थकों को भी दूर कर दिया है.
अपने भी छोड़ रहे हैं साथ
रिपब्लिकन पार्टी के अंदर भी असंतोष पनप रहा है. डेमोक्रेट्स तो पहले से ही इस युद्ध को ट्रंप की गलती बता रहे हैं. अगर चुनाव होते तो बाइडेन या कोई अन्य डेमोक्रेट उम्मीदवार आसानी से 50 प्रतिशत से ऊपर वोट पा सकता था. ट्रंप के पास अभी 36 प्रतिशत ही समर्थन है, जबकि 2024 में उन्होंने 50 प्रतिशत के करीब वोट हासिल किए थे. जनता का मानना है कि ट्रंप ने बिना सोचे-समझे युद्ध शुरू किया. ईरान पर हमले ने न सिर्फ सैन्य खर्च बढ़ाया, बल्कि वैश्विक बाजार में अस्थिरता पैदा की. तेल निर्यात प्रभावित होने से अमेरिकी उपभोक्ता सीधे प्रभावित हुए. अर्थशास्त्री चेतावनी दे रहे हैं कि अगर युद्ध लंबा चला तो मंदी का खतरा बढ़ जाएगा.
ट्रंप की नीति से खुश नहीं जनता
ट्रंप प्रशासन दावा कर रहा है कि युद्ध उद्देश्य पूरे कर रहा है, लेकिन जनता इसे महंगा सौदा मान रही है. ईरान वार की वजह से ट्रंप की छवि शांति प्रिय से युद्ध प्रिय हो गई है. सर्वे दिखाता है कि 40 प्रतिशत से ज्यादा लोग मानते हैं कि ट्रंप ने गलत फैसला लिया. अभी चुनाव हो तो ईरान युद्ध ही ट्रंप की सबसे बड़ी कमजोरी साबित होगा. जनता शांति चाहती है, सस्ता ईंधन चाहती है. ट्रंप की लोकप्रियता का यह 36 प्रतिशत निचला स्तर चेतावनी का संकेत है. अगर स्थिति नहीं सुधरी तो मध्यावधि चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी के लिए माहौल बिगड़ सकता है. अगर ऐसा हुआ तो न सिर्फ ट्रंप सरकार की शक्तियां छिन जाएंगी बल्कि उनके ऊपर महाभियोग का भी खतरा मंडराने लगेगा.
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News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें





