Donald Trump Approval Rating minus 17 | माइनस में पहुंची ट्रंप की रेटिंग, नीचे से टूटे सारे रिकॉर्ड, ईरान से लड़ते-लड़ते अपने देश में हारे


वॉशिंगटन: डोनाल्ड ट्रंप, जो हमेशा अपनी जीत और लोकप्रियता के दावों के लिए जाने जाते हैं, इस वक्त अपने राजनीतिक जीवन के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं. ईरान के साथ छिड़ी लंबी और खौफनाक जंग ने न केवल दुनिया का चैन छीना है, बल्कि खुद ट्रंप के ‘मैजिक’ को भी खत्म कर दिया है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जिन लोगों ने ट्रंप को वोट दिया था, अब वो भी पछता रहे हैं. ट्रंप की नेट अप्रूवल रेटिंग गिरकर माइनस 17 (-17) पर पहुंच गई है. ये गिरावट इतनी बड़ी है कि इसने अमेरिका के इतिहास में पिछले सभी राष्ट्रपतियों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.

इतिहास के सबसे ‘अलोकप्रिय’ राष्ट्रपति ट्रंप

AF पोस्ट के एक हालिया विश्लेषण ने अमेरिकी राजनीति में हड़कंप मचा दिया है. ट्रंप की लोकप्रियता का ग्राफ अब तक के सबसे निचले स्तर पर है. आंकड़ों के मुताबिक, ट्रंप की रेटिंग इस वक्त जिमी कार्टर, रोनाल्ड रीगन और यहां तक कि जो बाइडन से भी नीचे चली गई है. ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत सकारात्मक रेटिंग के साथ हुई थी, लेकिन जैसे-जैसे ईरान के साथ युद्ध खिंचता गया, जनता का भरोसा टूटता चला गया.

फॉक्स न्यूज के सर्वे ने बढ़ाई धड़कनें

ट्रंप के करीबी माने जाने वाले ‘फॉक्स न्यूज’ के पोल ने भी उनकी चिंता बढ़ा दी है. 26 मार्च को आए आंकड़ों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. पिछले साल मार्च में जहां 92% रिपब्लिकन ट्रंप के साथ थे, अब वह घटकर 84% रह गए हैं. यानी उनके अपने घर में ही विरोध के सुर उठने लगे हैं. करीब 75% निर्दलीय वोटरों ने ट्रंप के कामकाज को नकार दिया है, जो किसी भी चुनाव को जीतने के लिए सबसे अहम होते हैं.

ईरान नीति पर जनता का ‘नो कॉन्फिडेंस’

यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट के पोल ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी जनता ईरान के साथ इस सीधी जंग के पक्ष में नहीं है. सर्वे के अनुसार, केवल 29% लोग ही ईरान पर किए गए हमलों और ट्रंप की रणनीति का समर्थन कर रहे हैं, जबकि 63% लोग इसे गलत मान रहे हैं. पिछले साल अप्रैल में ट्रंप की रेटिंग 44% थी, जो अब गिरकर महज 33% रह गई है. जनता को अब लगने लगा है कि यह युद्ध अमेरिका के लिए महंगा साबित हो रहा है.

क्या ‘MAGA’ लहर अब कमजोर पड़ रही है?

ट्रंप की पूरी ताकत उनका ‘MAGA’ बेस है, लेकिन एमहर्स्ट पोल के मुताबिक अब केवल 33% लोग ही खुद को इस आंदोलन से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं. युद्ध की वजह से बढ़ती तेल की कीमतें और अमेरिकी सैनिकों की मिडिल ईस्ट में भारी तैनाती ने आम अमेरिकी नागरिक के मन में डर पैदा कर दिया है. क्विनिपियाक यूनिवर्सिटी और AP-NORC जैसे बड़े संस्थानों ने भी ट्रंप की रेटिंग को 38% के आसपास ही रखा है, जो उनके भविष्य के राजनीतिक फैसलों के लिए एक बड़ी चेतावनी है.



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