क्या आप जानते हैं शरीर से निकाल दें ये 6 अंग तो भी रह सकते हैं आप जिंदा? ये हैं उन ऑर्गन के नाम और काम


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मानव शरीर एक बेहद ही अद्भुत, जटिल संरचना है. इसमें कोशिकाएं, टिशूज, हड्डियां, नसें और बेदह महत्वपूर्ण अंग शामिल होते हैं. शरीर का सबसे बड़ा अंग त्वचा है. इसके साथ ही दिल, दिमाग, किडनी, लिवर, फेफड़े आदि महत्वपूर्ण अंगों में शामिल हैं. इनके बिना आदमी जीवित नहीं रह सकता है. क्या आप जानते हैं कि कुछ अंग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें शरीर से निकाल भी दिया जाए तो आप जीवित रह सकते हैं?

शरीर में कुछ ऐसे अंग हैं, जिन्हें शरीर से निकाल भी दिया जाए तो आप जीवित रह सकते हैं. ये बात पढ़कर आपको हैरानी हुई होगी, लेकिन कुछ शारीरिक अंगों के बिना भी आप सामान्य जीवन जी सकते हैं. हालांकि, इन अंगों के कार्य होते हैं, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण डॉक्टर कभी-कभी इन्हें निकाल देते हैं. हाल ही में हुई एक स्टडी के अनुसार, ये बात सामने आई है कि ये अंग पूरी तरह से बेकार नहीं होते हैं, लेकिन शरीर इनके बिना भी अनुकूलित हो सकता है. जानते हैं यहां कुछ ऐसे ही अंगों के बारे में…

अपेंडिक्स (Appendix) – आंतों का बैकअप सिस्टम होता है. बड़ी आंत के पास स्थित एक छोटी थैलीनुमा संरचना होती है. अपेंडिक्स पाचन क्रिया में सहायक होती है. गुड बैक्टीरिया को संग्रहित करने और संक्रमण के बाद आंतों के स्वास्थ्य को बहाल करने में मदद करती है. हालांकि, अपेंडिसाइटिस होता है तो इसे निकाल दिया जाता है. काफी लोग बिना किसी लॉन्ग टर्म समस्या के जल्दी ठीक हो जाते हैं.

पित्ताशय (Gallbladder)– पित्ताशय वसा पाचन में सहायक होता है. गॉल ब्लैडर में पित्त संग्रहित होता है, जो वसायुक्त भोजन को पचाने में मदद करता है. यदि पित्त की पथरी के कारण दर्द होता है, तो इसे निकाल दिया जाता है.

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बृहदान्त्र (Colon)– कोलोन का काम अपशिष्ट से पानी और पोषक तत्वों को अवशोषित करना है. कैंसर या सूजन जैसी स्थितियों में, इसका कुछ हिस्सा या पूरा हिस्सा हटाया जा सकता है. हालांकि, इससे मल त्याग की गति तेज हो जाती है, फिर भी उचित आहार और देखभाल से लोग सक्रिय जीवन जी सकते हैं.

टॉन्सिल (Tonsils)-ये बैक्टीरिया और वायरस को रोकने में मदद करते हैं. बार-बार संक्रमण से पीड़ित बच्चों में इन्हें अक्सर निकाल दिया जाता है. टॉन्सिल निकाल देने के बाद दूसरे टिशूज इनका कार्य संभाल लेते हैं. हालांकि, कुछ मामलों में श्वसन संबंधी समस्याओं की संभावना थोड़ी अधिक हो सकती है.

थाइमस (thymus)- थाइमस ग्रंथि बचपन में प्रतिरक्षा कोशिकाओं के विकास में मदद करती है, जबकि एडेनोइड्स संक्रमणों से रक्षा करते हैं. कह सकते हैं कि थाइमस इम्यून सिस्टम का एक महत्वपूर्ण अंग है. थाइमस बचपन में अधिक एक्टिव होता है, उम्र बढ़ने के साथ-साथ ये छोटा होने लगता है. ये हॉर्मोन thymosin का निर्माण करता है, टी-सेल्स के ग्रोथ में हेल्प करते हैं. हालांकि, आवश्यकता पड़ने थाइमस को हटाया जा सकता है. अध्ययनों से पता चलता है कि प्रतिरक्षा में उनकी भूमिका को देखते हुए सावधानीपूर्वक मूल्यांकन आवश्यक है.

किडनी (Kidney)- इंसान के शरीर में दो किडनी होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिंदा रहने के लिए एक किडनी भी पर्याप्त है? शरीर में बचा हुआ एक गुर्दा धीरे-धीरे पूरा कार्यभार संभाल लेता है, जिससे लोग यहां तक ​​कि डोनर भी नियमित जांच के साथ सामान्य जीवन जी सकते हैं.



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