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New Semi High-Speed Train: भारतीय रेल इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर ट्रेनों की रफ्तार पर खास ध्यान दे रहा है. तेजस के बाद वंदे भारत और अब इन दोनों ट्रेनों से ज्यादा रफ्तार वाली नई सेमी हाईस्पीड ट्रेन लाने की तैयारी इसकी मिसाल हैं. हाईस्पीड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर भी तेजी से काम चल रहा है. आने वाले कुछ महीनों में इसके भी ऑपरेशनल होने की संभावना है.
इंडियन रेलवे नई सेमी हाईस्पीड ट्रेन लाने की तैयारी कर रहा है, जिसकी स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस से कहीं ज्यादा होगी. (फाइल फोटो/PTI)
New Semi High-Speed Train: तेजस सुपरफास्ट और वंदे भारत एक्सप्रेस की सफल लॉन्चिंग एवं ऑपरेशन के बाद इंडियन रेलवे अब एक और नया अध्याय लिखने की तैयारी कर रहा है. भारतीय रेल नई ट्रेन डेवलप करने की तैयारी में है, जिसकी रफ्तार मौजूदा वंदे भारत सेमी हाईस्पीड एक्सप्रेस ट्रेन से भी ज्यादा होगी. इसके लॉन्च होने के बाद दिल्ली से पटना की 1000 किलोमीटर की यात्रा को 5 घंटे से भी कम समय में पूरी की जा सकेगी. बताया जा रहा है कि स्पीड और सुविधाओं के मामले में नई सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस से दो कदम आगे होगी. नए ट्रेनसेट के एक कोच की कीमत इतनी है कि उस प्राइस में नोएडा जैसे शहर में कई फ्लैट खरीदे जा सकते हैं. बता दें कि हाईस्पीड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर भी तेजी से काम चल रहा है. इस बीच, इंडियन रेलवे की तरफ से देश के विभिन्न हिस्सों में सेमी हाईस्पीड ट्रेन का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है. इसे अब दो कदम और आगे ले जाने की तैयारी चल रही है.
Indian Railways देश में हाईस्पीड रेल यात्रा के नए दौर की तैयारी कर रहा है. अब तक की सबसे तेज चलने वाली Vande Bharat Express से आगे बढ़ते हुए रेलवे ने 220 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाले नए ट्रेनसेट्स को मंजूरी दे दी है. यह कदम भारत की सेमीहाई स्पीड रेल क्षमता को वैश्विक स्तर के करीब ले जाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. ‘फाइनेंशियल एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे बोर्ड द्वारा स्वीकृत इस परियोजना के तहत दो अत्याधुनिक ट्रेनसेट्स का निर्माण किया जाएगा. इन्हें 2027-28 के कोच प्रोडक्शन प्रोग्राम में शामिल किया गया है और इसका निर्माण कार्य Integral Coach Factory (आईसीएफ), चेन्नई को सौंपा गया है. प्रत्येक ट्रेनसेट में 16 कोच होंगे और इन्हें ब्रॉड-गेज नेटवर्क के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा, जिससे ये मौजूदा रेलवे ट्रैक पर ही फर्राटा भर सकें.
वंदे भारत ट्रेन की रफ्तार फिलहाल सबसे ज्यादा है. (फाइल फोटो/Reuters)
वंदे भारत से ज्यादा रफ्तार
फिलहाल वंदे भारत एक्सप्रेस की अधिकतम डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा है, जबकि नई ट्रेनों की डिजाइन स्पीड 220 किमी प्रति घंटा और संभावित ऑपरेशनल स्पीड 200 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है. यदि यह लक्ष्य हासिल होता है, तो भारत उन देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा जहां सेमीहाई स्पीड ट्रेनों का नेटवर्क तेजी से विकसित हो रहा है. इस परियोजना को ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने वाला बड़ा कदम भी माना जा रहा है. अक्टूबर 2024 में आईसीएफ ने BEML को इन हाईस्पीड ट्रेनसेट्स के डिजाइन और निर्माण का ठेका दिया था. शुरुआत में प्रत्येक ट्रेन 8 कोच के साथ तैयार की जाएगी, जिसे बाद में 16 कोच तक किया जाएगा.
नई सेमी हाईस्पीड ट्रेन की 5 खासियत
- उच्च टिकाऊपन के लिए स्टील बॉडी वाले कोच
- पूरी तरह वातानुकूलित चेयर कार लेआउट
- झुकने योग्य एर्गोनोमिक सीटें
- उन्नत ऑनबोर्ड यात्री सूचना प्रणाली
- लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक गति के साथ यात्राएं और भी स्मूद हों, बेहतर आराम मिले और सुरक्षा प्रणालियां अधिक उन्नत हों
जान लें एक कोच की कीमत
परियोजना की लागत भी इसके बड़े पैमाने को दर्शाती है. एक कोच की कीमत लगभग 27.86 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि पूरे कॉन्ट्रैक्ट का मूल्य 866.87 करोड़ रुपये है. इसमें डिजाइन, निर्माण, टूलिंग और ट्रायल से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं शामिल हैं. अधिकारियों का मानना है कि यह निवेश न केवल तेज गति वाली ट्रेनों का निर्माण करेगा, बल्कि भविष्य की हाईस्पीड रेल परियोजनाओं के लिए तकनीकी क्षमता भी विकसित करेगा. यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. नई ट्रेनों में स्टील बॉडी कोच होंगे, जो अधिक मजबूती और सुरक्षा प्रदान करेंगे. इसके अलावा पूरी तरह वातानुकूलित चेयर कार, रिक्लाइनिंग एर्गोनॉमिक सीटें और आधुनिक पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं दी जाएंगी. रेलवे का उद्देश्य है कि तेज गति के साथ-साथ यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित सफर भी मिले.
क्या है मौजूदा स्थिति
वर्तमान में भारत में अधिकांश ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटे तक की गति से चलती हैं, लेकिन ट्रैक की सीमाओं के कारण वास्तविक गति अक्सर इससे कम रहती है. देश में अभी तक 200 किमी प्रति घंटे से अधिक की नियमित यात्री सेवा उपलब्ध नहीं है. हालांकि, इन नए ट्रेनसेट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के साथ भारतीय रेलवे धीरे-धीरे तेज रफ्तार यात्रा के नए युग की नींव रख रहा है. आने वाले वर्षों में यह पहल लंबी दूरी की यात्रा को न केवल तेज बल्कि अधिक आधुनिक और सुविधाजनक बना सकती है. 220 किमी प्रति घंटे की क्षमता वाली ये नई ट्रेनें भारत के रेल नेटवर्क को एक नई पहचान देने की दिशा में अहम साबित हो सकती हैं.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें





