‘पारले-जी चावल’ की बढ़ी डिमांड, ₹300 किलो तक बिकता है यह खास किस्म


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झारखंड की राजधानी रांची के आसपास के गांवों में एक अनोखी किस्म का चावल उगाया जाता है, जिसे स्थानीय लोग ‘पारले-जी चावल’ या ‘घोड़ा चावल’ के नाम से जानते हैं. ब्राउन रंग का यह खास चावल अपनी अलग सुगंध के कारण काफी प्रसिद्ध है, जिसकी खुशबू पारले-जी बिस्किट जैसी बताई जाती है. कम पानी में उगने वाली इस किस्म की बाजार में अच्छी मांग है और यह करीब 300 रुपये प्रति किलो तक बिकता है. कम कैलोरी होने के कारण इसे डाइटिंग करने वाले और डायबिटीज के मरीज भी पसंद करते हैं, जिससे यह किसानों के लिए भी एक लाभकारी फसल बनती जा रही है. रिपोर्ट- शिखा श्रेया

झारखंड की राजधानी रांची के आसपास के गांव में एक खास तरह का चावल होता है, जो दिखने में एकदम ब्राउन होता है. जिसको यहां के स्थानीय लोग पारले-जी भी कहते हैं और घोड़ा भी कहते हैं. दरअसल, यह परले जी जैसा महकता है. इस चावल को उगाने वाली शीला बताती हैं, यह बहुत कम पानी की जगह में ही उग जाता है.

हेल्थ

वह आगे बताती है कि ये ऊंचाई पर भी आराम से हो जाता है. इसको अधिक पानी की जरूरत नहीं पड़ती. खासतौर पर जो डायबिटीज के पेशेंट होते हैं वह हमसे डायरेक्ट ले जाते हैं. क्योंकि, इसमें कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है और खास तौर पर जो डाइटिंग करते हैं वे इस चावल को खाते हैं. यह चावल मार्केट में ₹300 केजी तक बिकता है.

हेल्थ

शीला बताती हैं, आप कच्चा ही इसे हाथ में लेकर देखिए ऐसी महक है कि आप कच्चा ही खा जाएंगे और खाने में बड़ा ही टेस्टी लगता है. फ्लिपकार्ट और अमेजॉन जैसी साइट पर आप जाकर देखेंगे तो इसकी कीमत ₹300 से ऊपर तक मिलेगी. जिसको जो मन करता है उस रेट में बेचता है. उसकी डिमांड काफी अधिक है और होता बहुत ही कम है.

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हेल्थ

क्योंकि, इसको बहुत ही केयर की जरूरत पड़ती है. खाद से लेकर कीटनाशक हर एक चीज बेहद ही बारीकी से देखना होता है. आप इसके जब चावल बनाएंगे तो इसकी सुगंध इतना तेज होती है कि पूरे घर को पता चल जाएगा कि आपने चावल रेडी कर लिया है. खासतौर पर लोग मटन और चिकन के साथ यह चावल खाना पसंद करते हैं.

हेल्थ

आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे बताते हैं कि दरअसल यह जो चावल है इसमें कैलोरी काफी कम होती है. इसके 100 ग्राम में आपको महज 40 से 50 कैलोरी ही मिलेगी.

हेल्थ

यही कारण है कि आप डाइटिंग में भी इसको आराम से खा सकते हैं. और जो डायबिटीज पेशेंट है वह भी खा सकते हैं. बस प्रेशर कुकर में ना बनाएं. बल्कि, पानी में खौला कर बनाएं तो और भी फायदा करेगा.



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