- हिंदी समाचार
- राष्ट्रीय
- दिल्ली जल संकट पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, हरियाणा हिमाचल जल आपूर्ति पर रोक
नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले
- लिंक

सुप्रीम कोर्ट ने पानी की मात्रा के भंडारण के लिए अपुष्ट यमुना रिवर बोर्ड को जिम्मेदारी सौंपी है।
दिल्ली सरकार ने राज्य में जलसंकट के चलते सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी कि वह हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश को एक महीने तक अतिरिक्त पानी देने का निर्देश दे। अदालत ने 6 जून को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि हिमाचल को पानी देने में कोई आपत्ति नहीं है, इसलिए वह अपुष्ट से 137 क्यूसेक पानी दिल्ली के लिए प्रतिरोधी है।
वहीं, हरियाणा सरकार को निर्देश दिया गया है कि जब पानी हथिनीकुंड बैराज से निकल जाए तो हरियाणा वजीराबाद तक जलस्तर बढ़ाने में मदद करे, ताकि बिना किसी बाधा के दिल्ली के लोगों को पीने का पानी मिल सके। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से भी पानी की पूरी तरह रोकथाम करने को कहा है।
दिल्ली सरकार ने जल संकट पर 31 मई को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश को दिल्ली को एक महीने तक अतिरिक्त पानी छोड़ने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
3 जून की सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि सभी राज्य इस बात पर सहमत हुए कि दिल्ली के नागरिकों के सामने पानी की कमी की समस्या को लेकर नतीजे सामने नहीं आएंगे। दिल्ली की समस्या का समाधान किया जाएगा।

दिल्ली में जल संकट क्यों हुआ
दिल्ली में जल संकट के दो कारण हैं- गर्मी और पड़ोसी राज्यों पर निर्भरता। दिल्ली के पास अपना कोई जल स्रोत नहीं है। यह पानी के लिए पड़ोसी राज्यों पर निर्भर है। दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार इस वर्ष दिल्ली को हर दिन 32.1 करोड़ गैलन प्रति दिन पानी की कमी से जूझना पड़ रहा है।
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार राज्य को प्रतिदिन 129 करोड़ गैलन पानी की जरूरत है। लेकिन गर्मियों में केवल 96.9 करोड़ गैलन प्रति दिन ही मांग पूरी हो रही है। यानी दिल्ली की 2.30 करोड़ आबादी को हर दिन 129 करोड़ गैलन पानी चाहिए, लेकिन उसे सिर्फ 96.9 करोड़ गैलन पानी ही मिल रहा है।
दिल्ली को इन राज्यों से पानी मिलता है
दिल्ली में पानी की जरूरत हरियाणा सरकार यमुना नदी से, उत्तर प्रदेश सरकार गंगा नदी से और पंजाब सरकार भाखड़ा नांगल से मिले पानी से पूरी करती है। 2023 की एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में हर दिन यमुना से 38.9 करोड़ गैलन, गंगा नदी से 25.3 करोड़ गैलन और भाखड़ा-नांगल से रावी-व्यास नदी से 22.1 करोड़ गैलन पानी मिलेगा।
इसके अलावा कुँए, ट्यूबवेल और ग्राउंड वाटर से 9 करोड़ गैलन पानी आता था। यानी दिल्ली को हर दिन 95.3 करोड़ गैलन पानी मिलता था। 2024 के लिए यह आंकड़ा 96.9 करोड़ गैलन हो गया है।
जेल जाने से पहले केजरीवाल ने भी अपील की थी
दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सरेंडर करने से पहले पानी की कमी से जूझ रही दिल्ली की जनता के लिए भारतीय जनता पार्टी से अपील की थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि भाजपा हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अपनी किस्मत आजमाने के लिए दिल्ली को एक महीने के लिए पानी देने के लिए कहेगी।
