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डोंगरगढ़– छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार द्वारा स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र से शुल्क लागू करने का निर्णय अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, जनविरोधी एवं गरीब-विरोधी कदम है। इस निर्णय से प्रदेश के हजारों गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर सीधा असर पड़ेगा।
छत्तीसगढ़ लोधी समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं जिला कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव (ग्रामीण) के सचिव विष्णु लोधी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि स्वामी आत्मानंद विद्यालयों की स्थापना का मूल उद्देश्य था—हर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण एवं अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा उपलब्ध कराना। लेकिन वर्तमान सरकार ने इस जनहितकारी योजना की आत्मा को ही समाप्त करने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि आज जब महंगाई चरम पर है, किसानों और मजदूरों की आय सीमित है, ऐसे समय में शिक्षा पर शुल्क थोपना सीधे-सीधे गरीब परिवारों के सपनों को कुचलने जैसा है। सरकार को चाहिए था कि वह शिक्षा को और सुलभ बनाती, लेकिन इसके उलट आर्थिक बोझ बढ़ाकर आम जनता को निराश किया जा रहा है।
विष्णु लोधी ने आगे कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भुपेश बघेल के समय कांग्रेस सरकार में यह योजना बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का आधार बनी थी, लेकिन आज की भाजपा सरकार इसे कमजोर करने पर आमादा है। यह निर्णय न केवल शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करेगा, बल्कि सामाजिक असमानता को भी बढ़ावा देगा।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि तत्काल इस निर्णय को वापस लिया जाए और स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में पूर्व की भांति निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि प्रदेश का कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न हो।
अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस जनविरोधी निर्णय को वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी जनहित में सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी और हर वर्ग की आवाज को मजबूती से उठाएगी।





