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Cyclone Remal: पश्चिम बंगाल के तट से कब टकराएगा चक्रवाती तूफान “रेमल”, जानें कितना खतरनाक है यह

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चक्रवात रेमल चक्रवात कब आएगा "रेमल" पश्चिम बंगाल के तट से टकराया तूफ़ान, जानें कितना ख़तरनाक है यह तूफ़ान- इंडिया टीवी हिंदी

छवि स्रोत : पीटीआई
‘राक्षसी तूफान’ कितना खतरनाक है?

लक्जी तूफान रेमल पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तूफान से रविवार को टकराएगा। मौसम विभाग ने इस संबंध में चेतावनी भी जारी की है। बता दें कि बंगाल की खाड़ी में मानसून सीजन का यह पहला तूफान है, जिसका नाम रेमल रखा गया है। पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के समुद्र तट से टकराने के दौरान हवा की दर 102 किलोमीटर प्रतिघंटा रह सकती है। बता दें कि 6 और 27 मई को उत्तरी ओडिशा, मिजोरम, त्रिपुरा और दक्षिणी मणिपुर सहित पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम प्रकृति के अनुसार समुद्र की सतह की गर्म तापमान के कारण चक्रवात तेजी से आगे की तरफ बढ़ रहा है।

“रेमल” शब्द का क्या है मतलब

अरबी भाषा से लिए गए शब्द रेमल का मतलब होता है रेत। ब्यूरो ऑफ मेट्रोलॉजी की माने तो, इस तरह के प्रकाश के लिए विशेष तरह की स्थिति जिम्मेदार होती है। यह तापमान केवल तभी बनता है जब समुद्री सतह का तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाता है। गर्म हवाएं इस दौरान अधिक खतरे वाली होती हैं। हवाएं जैसे-जैसे ऊपर की तरफ उठती हैं। वैसे-वैसे नीचे की तरफ लो प्रेशर जोन बनता हुआ लगता है। इस दौरान आसपास की धूप से कम दबाव वाले क्षेत्र पर दबाव बढ़ता है और प्रकाश का निर्माण होता है। इस चक्र को बनाने में समुद्री सतह की गर्मी का अहम रोल होता है। आसान शब्दों में कहें तो समुद्र के सतह का तापमान बढ़ने से इस प्रकाश को और अधिक ऊर्जा मिलती है।

प्रकाश रेमल से कितना खतरा है?

इस तूफानी तूफान की एक खासियत यह है कि जहां से गुजरती है वहां तेज बारिश और हवाएं चलती हैं। इस प्रकाश का प्रभाव एक सप्ताह तक रह सकता है। इस शक्तिशाली तूफान की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह किसी मजबूत खंभे, बिजली के बड़े-बड़े खंभों को भी गिराने की क्षमता रखती है। सेटिंग को जड़ से भी उखाड़ा जा सकता है। इस कारण यातायात प्रभावित होता है और जान-माल की क्षति तक हो सकती है। बता दें कि इस दौरान भारी बारिश के कारण जलभराव जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

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