यूपी से CRPF पीटने आ रही है इसलिए तैयार रहो, सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी के वीडियो पर मचा बवाल


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यूपी से CRPF पीटने आ रही है इसलिए तैयार रहो, कोर्ट में चला ममता का वीडियो

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एसजी तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में मालदा हिंसा का मुद्दा जोर-शोर से उठाया. मालदा में ज्यूडिशियल अफसरों का पब्लिक द्वारा घेराव किया गया था. एसजी ने कोर्ट को एक महिला जज का दर्दनाक वीडियो बताया. महिला जज एक रिपोर्टर से बात करते हुए बहुत डरी हुई हैं. जज ने कहा, ‘मेरी जान को बहुत भारी खतरा है’. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कुछ हुआ तो बच्चों का ध्यान रखना.

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चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी के भाषण का जिक्र किया. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल के चुनाव से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग के वकील ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक भाषण का हवाला दिया. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री लोगों से कह रही हैं कि उत्तर प्रदेश से सीआरपीएफ की फोर्स उन्हें पीटने आ रही है, इसलिए तैयार रहो. चुनाव आयोग के वकील ने उस पूरे भाषण से जुड़ा वीडियो भी कोर्ट के सामने दिखाया, ताकि बात साफ हो सके.

एसजी तुषार मेहता ने मालदा में न्यायिक अधिकारियों के घेराव का मुद्दा एक बार फिर उठाया. उन्होंने कहा कि एक महिला जज का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह एक पत्रकार से बात करते हुए कह रही हैं कि उनकी जान को खतरा है. अगर उन्हें कुछ हो जाता है तो उनके बच्चों का ख्याल रखना. इस घटना से जुड़ी जानकारी देते हुए उन्होंने कोर्ट का ध्यान इस ओर खींचा.

चुनाव आयोग के वकील ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी बातों से सिर्फ माहौल बिगड़ता है और स्थिति खराब होती है. दूसरी ओर, टीएमसी नेता और वरिष्ठ वकील कल्याण बंदोपाध्याय ने कहा कि एक विपक्षी उम्मीदवार अपने भाषण में मुख्यमंत्री की हत्या की बात कर रहे हैं. उन्होंने इस मुद्दे को भी कोर्ट के सामने रखा.

सीजेआई ने मामले पर सुनवाई करते हुए साफ कहा कि अगर राज्य की मशीनरी पूरी तरह नाकाम हो जाती है तो कोर्ट देखेगा कि क्या कदम उठाना है. लेकिन, पश्चिम बंगाल में पहले हो चुकी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय बलों को वहां से वापस नहीं बुलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि स्थिति को सामान्य रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे. यह सुनवाई पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावी माहौल और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी है. कोर्ट सभी पक्षों की दलीलों को ध्यान से सुन रहा है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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