AC की ठंडक या कूलर की हवा, डॉक्टर ने बताया सेहत के लिए कौन ज्यादा सुरक्षित विकल्प


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Satna News: एसी बंद कमरे में तेजी से ठंडक देता है और ज्यादा गर्मी वाले इलाकों में यह प्रभावी साबित होता है. हालांकि लंबे वक्त तक एसी में रहने से त्वचा सूखना, सिरदर्द और गले में खराश जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. वहीं कूलर हवा में नमी बनाए रखते हुए प्राकृतिक ठंडक देता है.

सतना. भीषण गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि राहत के लिए एसी बेहतर रहेगा या कूलर. जहां एसी तेज और तुरंत ठंडक देकर आराम देता है, वहीं कूलर कम खर्च में प्राकृतिक ठंडक का अनुभव कराता है लेकिन यह चुनाव सिर्फ आराम या बिजली बिल तक सीमित नहीं है बल्कि इसका सीधा असर हमारी सेहत पर भी पड़ता है. बदलते तापमान और गलत आदतों के कारण गर्मियों में भी सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी हो जाता है कि कौन सा विकल्प शरीर के लिए ज्यादा सुरक्षित है और किन सावधानियों के साथ इसका इस्तेमाल करना चाहिए. लोकल 18 से बातचीत में सतना जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉ अखिलेश खरे ने बताया कि जो लोग लगातार एसी वाले माहौल में रहते हैं, जैसे- ऑफिस, घर या क्लासरूम, उनकी बॉडी उस तापमान के अनुसार खुद को ढाल लेती है लेकिन जो लोग बाहर की गर्मी से सीधे एसी में जाते हैं, या बार-बार अंदर-बाहर आते-जाते हैं, तो उनके शरीर का तापमान संतुलन बिगड़ जाता है. इससे शरीर की म्यूकोसा और अन्य संवेदनशील अंग प्रभावित होते हैं, जिससे बैक्टीरियल और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. इससे खासतौर पर नाक, कान और गले से जुड़ी समस्याएं ज्यादा देखने को मिलती हैं.

एसी बंद कमरे में तेजी से ठंडक देता है और अत्यधिक गर्मी वाले शहरी इलाकों में यह काफी प्रभावी साबित होता है. हालांकि लंबे समय तक एसी में रहने से त्वचा सूखना, सिरदर्द और गले में खराश जैसी समस्याएं हो सकती हैं. वहीं कूलर हवा में नमी बनाए रखता है और प्राकृतिक ठंडक देता है, जिससे शरीर को अचानक झटका नहीं लगता. बिजली खपत के मामले में भी कूलर एसी के मुकाबले कई गुना सस्ता पड़ता है, जिससे यह आम लोगों के लिए ज्यादा किफायती विकल्प बन जाता है.

गलत आदतें बना सकती हैं बीमार
विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी में बहुत ठंडा पानी पीना, एसी में रहने के बाद तुरंत बाहर निकलना या बार-बार तापमान बदलना शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है. इससे सर्दी-जुकाम, बुखार और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं, इसलिए जरूरी है कि एक समान तापमान बनाए रखा जाए और शरीर को धीरे-धीरे वातावरण के अनुसार ढलने दिया जाए.

पर्यावरण और सेहत के लिहाज से क्या है बेहतर विकल्प?
डॉक्टरों का मानना है कि अगर दोनों में किसी एक को चुनना हो, तो कूलर ज्यादा पर्यावरण अनुकूल विकल्प है. एसी के इस्तेमाल से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन बढ़ता है, जो पर्यावरण के लिए नुकसानदायक हैं. वहीं कूलर कम ऊर्जा में काम करता है और प्रकृति के अधिक करीब माना जाता है. ऐसे में जरूरत, बजट और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सही विकल्प चुनना ही समझदारी है ताकि गर्मी से राहत भी मिले और सेहत भी सुरक्षित रहे.

About the Author

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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