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NEET रिजल्ट को लेकर कांग्रेस नेता के गंभीर आरोप, कहा- परीक्षा की संरचना ऐसी कि 718-719 नंबर आ ही नहीं सकते

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मुकेश नायक- इंडिया टीवी हिंदी

छवि स्रोत : X/ANI
मुकेश नायक

देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा से एक नीट को लेकर बवाल जारी है। कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने आरोप लगाया है कि परीक्षा के बाद मूल्यांकन में धांधली की गई है। इसी कारण से छात्रों को 718 और 719 नंबर मिले हैं। मुकेश के अनुसार इस परीक्षा की संरचना ऐसी है कि किसी छात्र को इतना नंबर नहीं मिल सकता। इसके बावजूद एक छात्र को 718 और एक छात्रा को 719 संख्या मिली है। हालांकि, राष्ट्रीय जांच एजेंसी इस मामले में सफ़ाई दे चुकी है।

एनटीए ने छात्रों को 719-718 नंबर मिलने पर कहा था कि कुछ परीक्षा में थोड़ा असर हुआ था। इसके कारण छात्रों का समय बर्बाद हुआ था। इस मामले में ग्रेस नंबरों के लिए अपील की गई थी। छात्रों के समय के नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें ग्रेस मार्क्स दिए गए। इसी कारण से एक छात्र को 718 और एकछात्र को 719 नंबर मिले।

मामला क्या है?

नीट यूजी 2024 परीक्षा 5 मई को 571 शहरों के 4,750 अंकों पर आयोजित की गई थी। इसमें 14 विदेशी शहर भी थे। इस परीक्षा में 24 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे। एनटीए ने 4 जून को रिजल्ट और कटऑफ, टॉपर्स के नाम जारी किए। इसके बाद लाखों छात्रों ने एनटीए से अंतिम परीक्षा कराने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई। छात्रों ने नंबरों में संभावित बढ़त की ओर इशारा करते हुए चिंता व्यक्त की कि कैसे 67 इकाइयों ने शीर्ष रैंक हासिल कर ली। ​​विशेष रूप से, इन टॉप स्कोररों में से 6 हरियाणा के एक ही एग्जाम सेंटर से थे, जिससे परीक्षा प्रक्रिया के बारे में प्रचार-प्रसार को बढ़ावा मिला।

एनटीए ने किया आरोपों का खंडन

एनटीए के अनुसार कटऑफ स्कोर हर साल शिशुओं के पूरे जीवनकाल के आधार पर तय होता है। उचित प्रतिशत के कट-ऑफ और औसत संख्या (720 में से) हर साल अलग-अलग होते हैं। एनटीए ने बताया कि 2020 में सामान्य कैटेगरी के लिए 147 कटऑफ गए, 2021 में 138, 2022 में 117, 2023 में 137 और 2024 में यही कटऑफ 164 गए हैं। आगे ये भी बताया गया कि सभी ई-मेल सेंटरों पर कैमरे लगे हुए थे। एनटीए ने ज्यादा मार्क्स के लिए कई कारण बताए। कहा जाता है कि जांच एजेंसी की तरफ से एनसीईआरटी की किताब में किए गए बदलाव और कुछ जांच मुद्दों पर लंबित समय की भरपाई के लिए ग्रेस मार्क्स देने के कारण ज्यादा आते हैं। एनटीए ने कहा कि लाभार्थियों की संख्या वर्ष 2023 में 20,38,596 से बढ़कर 2024 में 23,33,297 हो गई है। इसी कारण कटऑफ इतनी अधिक चली गई।

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