सेहत के लिए वरदान है ‘खीस’, सामान्य दूध की तुलना में 5 गुना प्रोटीन, डायबिटीज मरीजों के लिए अमृत


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Sidhi News: खीस आंखों के लिए भी बहुत लाभकारी है. इसमें मौजूद उच्च मात्रा में विटामिन ए आंखों की रोशनी बढ़ाने और आंखों से जुड़ी समस्याओं को कम करने में सहायक है. साथ ही इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व शरीर के हार्मोन विकास में भी मददगार होते हैं.

सीधी. गाय या भैंस के ब्याने के बाद निकलने वाला पहला दूध पोषण गुणों का खजाना माना जाता है. जिस तरह मां का पहला दूध नवजात शिशु के लिए बेहद जरूरी होता है, उसी तरह खीस भी स्वास्थ्य के लिए कई मायनों में लाभकारी साबित होती है. इसमें सामान्य दूध की तुलना में कई गुना अधिक प्रोटीन, विटामिन और एंटीबॉडी पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. सीधी पशु चिकित्सालय के उप-संचालक डॉ जितेंद्र कुमार गुप्ता ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि गाय या भैंस के ब्याने के बाद 2 से 3 दिनों तक जो दूध निकलता है, वही खीस कहलाता है. इस दूध में सामान्य दूध की तुलना में 4 से 5 गुना अधिक प्रोटीन और 10 से 15 गुना ज्यादा विटामिन ए पाया जाता है. इसके साथ ही इसमें मैग्नीशियम, खनिज तत्व और लैक्टोफेरिन जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाने में सहायक होते हैं.

डॉ जितेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि खीस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. इसमें मौजूद एंटीबॉडी और प्रोटीन पाचन क्रिया को बेहतर करते हैं और दस्त जैसी समस्याओं में भी राहत देने का काम करते हैं. यही कारण है कि इसे कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. इसके अलावा खीस मधुमेह के मरीजों के लिए भी उपयोगी माना गया है. इसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में इंसुलिन के स्तर को संतुलित करने में मदद करते हैं और रक्त में शुगर को नियंत्रित रखते हैं. हालांकि मधुमेह के रोगियों को इसका सेवन बिना चीनी के ही करना चाहिए ताकि इसका पूरा लाभ मिल सके.

आंखों के लिए भी लाभकारी
उन्होंने आगे बताया कि खीस आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी है. इसमें मौजूद उच्च मात्रा में विटामिन ए आंखों की रोशनी बढ़ाने और आंखों से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद करता है. साथ ही इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व शरीर के हार्मोन विकास में भी सहायक होते हैं. पशुओं के लिए भी खीस बेहद जरूरी होता है. जन्म के तुरंत बाद यदि नवजात बछड़े या बच्चे को खीस पिलाया जाए, तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और वह जल्दी बीमारियों की चपेट में नहीं आता.

खीस बनाने की विधि
खीस बनाने की विधि भी काफी आसान है. इसे धीमी आंच पर पकाया जाता है और स्वाद के अनुसार इसमें चीनी या गुड़ मिलाया जा सकता है. इलायची पाउडर डालकर इसका स्वाद और भी बढ़ाया जा सकता है. पकने के बाद यह हल्का फटकर पनीर जैसी बनावट ले लेता है, जो खाने में स्वादिष्ट और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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