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- एनसीईआरटी कक्षा 7 की नई किताब में बच्चे ब्रह्मस्फुटसिद्धांत से गणित के नियम सीखेंगे
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एनसीईआरटी की कक्षा 7 में गणित के नियम सिखाने के लिए भारतीय गणितज्ञों के योगदान जोड़े गए हैं। हाल ही में जारी गणित की पुस्तक गणित प्रकाश में बीजगणित, पूर्णांक जैसे सामयिक सिद्धांत ब्रह्मगुप्त के सूत्र से सिखाए गए हैं।
पुस्तक में संस्कृत ग्रंथों के उदाहरण शामिल हैं। साथ ही प्राचीन भारतीय गणितज्ञों से संबंधित प्रश्न और समाधान नीचे दिए गए हैं। इसके अलावा ज्यामिति पर आधारित एक प्राचीन भारतीय ग्रंथ ‘ब्रह्मास्फुटसिद्धांत’ भी पुस्तक में दर्ज है।

एनसीईआरटी कक्षा 7वीं गणित प्रकाश का इतिहास।
पुस्तक में बताया गया है- ब्रह्मगुगट ने पहली बार प्लॉट नियमावली का उल्लेख किया है
पुस्तक के अध्याय 8 में पूर्णांकों पर आधारित अध्याय अध्याय में बताया गया है, ‘7वीं शताब्दी ईस्वी के गणितज्ञ ब्रह्मगुप्त की रचना ब्रह्मस्फुटसिद्धांत में पहली बार धनात्मक (पॉज स्ट्रेंथ) और ऋणात्मक (नकारात्मक) शेयरों के गुण और भाग के सिद्धांत बताए गए थे। यह अंकगणित और बीजगणित के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।’
बीजगणितीय गुणांकों के आधार पर अध्याय में बीजगणित शब्द का प्रयोग किया गया है, जिसे अलजेब्रा कहा जाता है। कहा गया है कि वेरिएबल मोर्टार की मदद से प्लॉट बनाना और सिल्क हल करना प्राचीन भारत में प्लास्टर एक प्लास्टर प्लांट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।
एनईपी 2020 के तहत छात्रों में हो रहे बदलाव
पुराने कक्षा 7 के सिद्धांतों में प्राचीन भारतीय गणितज्ञों का कोई उल्लेख नहीं था। एनसीईआरटी, ने एनईपी 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या मान्यता के तहत इसी वर्ष नई पुस्तकें जारी की हैं। इससे पहले, गणित प्रकाश पार्ट 1 में भी भारतीय गणितज्ञों से जुड़े ऐसे ही संदर्भ दिए गए थे।
एनसीईआरटी निदेशक ने कहा- सही इतिहास सीखना जरूरी
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा कि पुस्तक में प्राचीन गणितज्ञों को शामिल करने का उद्देश्य छात्रों को ‘सही इतिहास’ सिखाना है, ताकि ‘औपनिवेशिक दृष्टिकोण’ को इतिहास से बचाया जा सके।
यही साल अलाभन सल्तनत, मुगल साम्राज्य की सामयिक हते
एनसीईआरटी ने इसी वर्ष 7वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव किया है। हाई चमत्कारी, जिओग्राफी की टेकडमबुक से मुगल सल्तनत और सहयोगी सल्तनत के सामयिक अभिलेख हटा दिए गए हैं, जबकि महाकुंभ में मेक इन इंडिया जैसे गौरव और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को शामिल किया गया है।

इससे पहले एनसीईआरटी ने कोविड-19 महामारी के समय मुगल और सल्तनत से जुड़े कई हिसांस को कम कर दिया था। इसमें तुगलक, खिलजी, लाडोमी और मुगलों के अनुरोधों के सामयिक परिवर्तन शामिल थे। अब इन टॉपिक ट्रांसफर को पूरी तरह से हटा दिया गया है।
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