उत्तरकाशी/देहरादून11 मिनट पहले
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उत्तराखंड की चार धाम यात्रा पर गए शिष्यों को रविवार को भी लंबे समय तक जाम से राहत नहीं मिली। हालाँकि राज्य सरकार ने समस्याओं को कम करने के लिए कुछ उपाय लागू किए हैं, लेकिन उनका असर एक-दो दिन में ही सामने आ गया।
सबसे बड़ी चुनौती यमुनोत्री और गंगोत्री तीर्थ पर बनी है। यमुनोत्री में पालीगाड़ से कुथनौर तक 4-5 किमी तो गंगोत्री मार्ग पर गंगनानी से आगे 7 किमी में सैकड़ों रास्ते कई घंटे थमे रहे।
उत्तरकाशी प्रशासन ने वन-वे पर प्रतिबंध लगाने के लिए नॉर्थकाशी प्रशासन को निर्देश दिया है। इसी कड़ी का एक साथ आना-जाना शुरू हुआ तो धीरे-धीरे-धीरे-धीरे आगे बढ़ा। हालांकि जहां अभी यह सिस्टम लागू है, वहां 5 से 10 घंटे तक लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है।

बुधवार को आस्था धाम में करीब 29 हजार पूर्वी तट शामिल थे। ये न्यूलसेल के कॉम्प्लेक्स 6 हजार से ज्यादा हैं। यहां 10 मई से अब तक 1,55,584 लोग दर्शन कर चुके हैं।
अधिकारी बोले- नामांकन फॉर्म में बीमारी न छिपाएं
गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पैंडेल ने बताया कि चार दिन में इन धामों पर कुल 11 उद्यम होते हैं। अब तक 26.73 लाख ऑनलाइन तो 1.42 लाख ऑनलाइन नामांकन हो चुके हैं। जबकि अब तक 2.76 लाख से अधिक लोग दर्शन कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि नामांकन फॉर्म में मेडिकल क्रॉनिकल्स का कॉलम है, लेकिन अवशेष पुरानी बीमारी छुपे हुए हैं। यूपी की दिवंगत विमला देवी की जांच में पता चला कि उन्हें शुगर और हाईपर लोन दिया गया था। इसलिए डॉक्टर की सलाह को चयन से लें। जोखिम लेकर यात्रा न करें। चार धाम के सभी तीर्थ स्थलों पर हाई एल्टीट्यूड के हैं, इसलिए इस तूफान में 24 घंटे रुककर शरीर का अभ्यास करना जरूरी है, लेकिन लोग गर्मी से सीधे यात्रा कर रहे हैं।
सभी राज्यों के निवेशकों से अपील-पुरोहितों को कोई निवेशक नहीं
सभी राज्यों के राज्य अविनाशी अभिनव कुमार ने सभी राज्यों के साम्राज्य को पत्र लिखकर कहा है कि वे 31 मई तक वीवीआईपी को यहां न शेयर करें। यदि शिष्यों के आने का यही चलन है तो 6 माह में 75-76 लाख लाख दर्शन कर शेष। यह पिछले वर्ष से 20 लाख अधिक है।
बद्रीनाथ में सबसे देर से दर्शन
वः गौरीकुंड से संकेत मिलने के बाद हीपट-सोनपुर से लोगों को मिला। मॉडल और सोनपुर में बड़ी दुकानें, होटल हैं। लेकिन अमीर का व्यापारी 5 हजार रु. है. कई लोग रॉकेट में रुक रहे हैं।
बद्रीनाथ: वाहन 3 किमी पहले मनाए गए आधार पर रोक रहे हैं। 3 स्तम्भ हैं, जहाँ हजारों की संख्या में लोग रहते हैं। रविवार को यहां 6337 भव्य क्षेत्र, लेकिन दर्शन के लिए 6-7 घंटे की लाइन लगना शुरू हो गई है।
नॉटिकल-तिहरी में नॉटिकल प्वाइंट
- चार धाम मार्ग पर 20 से 25 घंटे तक जाम की खबरें प्रकाशित होने के बाद उत्तराखंड सरकार ने आश्रमों की सुरक्षा के लिए कुछ उपायों की घोषणा की। ये रविवार से लागू हो गए हैं।
- जाम में यात्री अब यमुनोत्री-गंगोत्री मार्ग पर कुछ जगह रोकेंगे। कारखाने और इमारतों में भी गोदाम बिंदु बनाए गए हैं। लोगों को खाना-पीना भी देंगे। ये बाज़ार के पास हैं, ताकि आसानी से घूमने वाले पर्यटक।
- ट्रैक्टर शौचालय बनाये जा रहे हैं।
मप्र के आश्रम को 4-4 लाख सहायता, ऑनलाइन नंबर जारी
10 से 14 मई को यमुनोत्री के बीच मप्र के तीन मंदिरों की मौत हो गई। इनमें सागर के रामगोपाल रावत, नीमच की समिति बाई और इंदौर के रामप्रसाद रावत शामिल हैं। मुख्यमंत्री सहायता कोष से यूनिटी यूनिट को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है। मप्र सरकार ने तीर्थयात्रियों के लिए नामांकन नंबर भी जारी किए हैं।
