
12 जून को चंद्रबाबू नायडू सीएम पद की शपथ लेंगे।
अमरावती: देश भर में कांग्रेस चुनाव के साथ ही आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी होंगे। यहां पर तेलुगु देशम पार्टी ने भाजपा और जनसेना पार्टी के साथ चुनाव लड़ा और बहुमत के साथ जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू तीसरी बार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। चंद्रबाबू नायडू 12 जून को तीसरी बार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। पार्टी ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी दी। टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने गांधीनगर हवाई अड्डे के पास केसरपल्ली आईटी पार्क में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
जगन मोहन रेड्डी की हुई हार
एम.डी.एम. ने पहली बार लगभग 30 साल पहले 1995 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद वह 2004 तक इस पद पर रहे। वर्ष 2004 में वह चुनाव हार गए और उनकी जगह वाई एस राजशेखर रेड्डी मुख्यमंत्री बने। एक दशक के बाद और संयुक्त राज्य को एकजुट और आंध्र प्रदेश में विभाजित करने के बाद, एम.डी.पी. 2014 में नवगठित राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने। हालांकि, वह 2019 में चुनाव हार गए और उनकी जगह वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी मुख्यमंत्री बन गए। अब पांच साल के बाद से होंगे चुनाव में टीडीपी फिर से सरकार बनाएगी और चंद्रबाबू नायडू पांच साल के बाद फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे।
वाईएसआरसीपी पर साधा प्रभाव
बता दें कि आंध्र प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीडीपी को 135, जनसेना को 21 और बीजेपी को 8 सीटों पर जीत मिली है। इसके अलावा वाईएसआरसीपी को महज 11 सीटों पर ही जीत मिली। चुनाव के बाद चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में आंध्र प्रदेश बहुत कुछ झेला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य ने 30 वर्षों तक बराबर क्षति झेली है और उनके काम को सही करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में व्यवस्थाएं नष्ट हो गई हैं और अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो गई है। उन्होंने कहा कि राजनीति में कोई भी व्यक्ति स्थायी नहीं होता और इसमें टर्न-रेट आते रहते हैं।
बीजेपी का होगा अहम रोल
वहीं एक तरफ जहां केंद्र सरकार में चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी एक अहम भूमिका निभा रही है, वहीं आंध्र प्रदेश की सरकार में भी भारतीय जनता पार्टी का अहम योगदान रहेगा। उत्साहित, केंद्र में सरकार बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी को अपने सहयोगी दलों की जरूरत पड़ रही है। इस तरह टीडीपी एक प्रमुख सहयोगी दल के रूप में केंद्र की सत्ता में मोदी के साथ आएगी। वहीं आंध्र प्रदेश में भी टीडीपी ने जनसेना पार्टी और भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ाई लड़ी थी। ऐसे में आंध्र प्रदेश की राज्य सरकार में भी भाजपा का अहम रोल होगा।
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