उन्होंने आबादी आधारित परिसीमन के मुद्दे को उठाने के लिए द्रमुक के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि निष्पक्ष परिसीमन के उद्देश्य से संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) के तत्वावधान में मुख्यमंत्रियों की बैठक और सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। इसमें 25 वर्ष तक परिसीमन रोकने और 1971 की जनगणना की आबादी के आधार को ही मान्य रखने की मांग की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक लागू किया है, उन्हें दंडित नहीं किया जाना चाहिए।’’
स्टालिन ने कहा कि उनकी पार्टी ने ‘तमिलनाडु पोराडुम, तमिलनाडु वेल्लुम’ (तमिलनाडु संघर्ष करेगा, तमिलनाडु जीतेगा) का नारा दिया है और यही द्रमुक का रुख है।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन पिछले दरवाजे से भाजपा के प्रवेश के लिए वोट मांगने वाले पलानीस्वामी परिसीमन पर आज तक चुप हैं और यह तमिलनाडु की जनता के साथ विश्वासघात है।’’





