रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा के अनुसार, इस संघर्ष में अमेरिका-इजरायल की हार हुई है। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को ईरान पर बिना उकसावे के किए गए एकतरफा आक्रामक हमले में दोनों (यूएस-इजरायल) की करीबी हार हुई है। उन्होंने स्पुतनिक रेडियो पर कहा, “हमारे देश ने शुरू से ही, अपने पहले बयानों में कहा था कि इस हमले को तुरंत रोकना जरूरी है।”
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे “बहुत अच्छा” कदम बताया। मैक्रों ने एक्स पर कहा कि यह समझौता क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में सकारात्मक पहल है, लेकिन उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि लेबनान की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस सीजफायर में लेबनान को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि पूरे क्षेत्र में व्यापक और स्थायी शांति स्थापित की जा सके।





