13 मिनट पहले
- लिंक

दिल्ली के मुसलमानों में लग रही आग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल सरकार को बुधवार को सख्त निर्देश जारी किया। कार्यवाहक चीफ जस्टिस मनमोहन की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह युगांश मित्तल की ओर से दायर जनहित याचिका को प्रतिनिधि के तौर पर ले और कानून के तहत उस पर फैसला ले।
हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह राष्ट्रीय राजधानी में छोटे बच्चों और नर्सिंग होम में आग से सुरक्षा को लेकर अनिवार्य मानकों को लागू करने के लिए 4 सप्ताह के भीतर फैसला ले। साथ ही 8 सप्ताह के भीतर एक्शन रिपोर्ट जारी करे। ये जनहित याचिका 26 मई को विवेक विहार स्थित बेबी केयर न्यू बोर्न अस्पताल में आग से 7 नवजातों की मौत को लेकर आई है।
आज की अन्य बड़ी खबरें…
पुणे पोर्श एक्सीडेंट केस में नाबालिग के माता-पिता की पुलिस हिरासत 10 जून तक

पुणे पोर्श एक्सीडेंट मामले में बुधवार, 5 जून को जिला कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने नाबालिग के ब्लड सैंपल में हेराफेरी करने वाले उसके पिता विशाल अग्रवाल और मां शिवानी अग्रवाल को 10 जून को पुलिस की हिरासत में भेज दिया। साथ ही ससून अस्पताल के डॉ श्रीहरि हालनोर, डॉ अजय टावरे और उनके सहयोगी अतुल घाटकांबले को 7 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
