मुंबई4 मिनट पहले
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को 12 साल के रेप पीड़ित को अपनी जमीन पर टरमिनेट करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने यह फैसला उनकी और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिया। पीड़िता 25 महीने की गर्भवती है। जस्टिस संदीपन और ब्लू गोखले की वेकेंसी बेंच ने मेडिकल बोर्ड की तरफ से दी गई रिपोर्ट में जजमेंट में कहा कि हमारे लिए हमारे लिए नामांकित लड़की की कीमत और उसकी सुरक्षा सर्वोपरी है।
मां ने बेटे के केस के खिलाफ दर्ज कराया, बाल सुधार गृह भेजा गया
लड़की के साथ उसके 14 साल के भाई ने रेप किया था। मई की शुरुआत में वह अपनी मां से पेट दर्द की शिकायत की थी। जब मां उसे अस्पताल ले गई, तो सामने आई उसकी सारी जानकारी। तब लड़की ने बताया कि जब घर पर कुछ नहीं हुआ तो उसके बड़े भाई ने जबरदस्ती की।
उसने उसे डराया-धमकाया भी था कि अगर किसी को बताया जाए तो वह उसे नुकसान पहुंचाएगा। मां की शिकायत पर बेटे के खिलाफ आईपीसी और पॉक्सो के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे बाल-सुधार गृह भेज दिया गया है।
बेंच का निर्देश- अभियोजक के बाद गर्ल को काउंसिलिंग हॉस्पिटल
बेंच ने अपने आदेश में कहा कि लड़की को बहुत बाद तक जानकारी नहीं मिली कि वह गर्भवती है। मेडिकल बोर्ड ने साफ तौर पर कहा है कि इस श्रेणी से मरीज के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। बेंच ने ये भी कहा कि क्लिनिकल टर्मिनेशन प्रोसिजर के बाद हॉस्पिटल गर्ल को काउंसिलिंग भी देगी। बेंच ने अस्पताल प्रबंधन को यह भी निर्देश दिया कि भ्रूण के टिश्यू के अनुपात और डीएनए के आधार पर बेरोजगारी और आपराधिक कर्मचारियों के लिए जांच अधिकारी को भेजा जाएगा।
