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Boat Riding: गर्मी के मौसम में लोग ठंडी जगहों की तलाश में पहाड़ों और नदियों की ओर घूमने निकलते है. इस दौरान बोट राइडिंग का रोमांच भी काफी आकर्षित करता है. लेकिन छोटी-छोटी लापरवाहियां हादसों का कारण बन सकती है. कई बार बिना लाइफ जैकेट के नाव में बैठना, ओवरलोडिंग करना या खड़े होकर फोटो खिंचवाना खतरनाक साबित होता है. बोट राइडिंग करते समय हमेशा लाइफ जैकेट पहनें और नाविक के निर्देशों का पालन करें. तेज हवा या खराब मौसम में राइड से बचना चाहिए. नाव में इधर-उधर झुकने या हाथ पानी में डालने से भी संतुलन बिगड़ सकता है. बच्चों को अकेला न छोड़ें और मोबाइल के चक्कर में सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज न करें. सतर्कता बरतने से बोट राइडिंग का आनंद सुरक्षित और यादगार बन सकता है.
नाव चलाने वाले एक्सपर्ट गिरीश कुमार बताते है कि जब भी आप वोट रीडिंग करने जा रहे है तो उसे समय सबसे पहले आपको लाभ लाइफ जैकेट का प्रयोग जरूर करना है क्योंकि आपातकालीन परिस्थितियों में यदि वोट संतुलन बिगाड़ देती है. तो ऐसे में लाइफ जैकेट आपको पानी में डूबने से बचाएगा और या वोटर आईडी के सुरक्षा उपकरणों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है.

जब भी आप बोट राइडिंग करने जा रहे है तो बोट राइडिंग करने से पहले आपको मौसम की जानकारी जरूर कर लेना है. इससे यह फायदा होगा कि आप अधिक बारिश वाले मौसम में बोट राइडिंग करने से बच सकते है. खराब मौसम में पानी की लहरें तेज हो जाती है. जिससे बोट असंतुलित हो सकती है. इसलिए हमेशा मौसम विभाग की चेतावनी और स्थानीय लोगों की सलाह को ध्यान में रखे. अगर मौसम अचानक खराब हो जाए तो तुरंत किनारे की ओर लौटना चाहिए.

बोट राइडिंग करने से पहले आपको बोर्ड की क्षमता का आकलन कर लेना है यानी कि यदि किसी बोट में आठ लोगों के बैठने की क्षमता है तो उसमें आठ लोग से अधिक ना हो वरना बोट का संतुलन बिगड़ सकता है और बोट पलट भी सकती है. इसके साथ ही बोट की क्षमता लोगों की संख्या के साथ-साथ उनके वजन पर भी निर्भर करती है क्योंकि कुछ लोगों का वजन अधिक होता है. ऐसे में जब भी आप बोट राइडिंग कर रहे हों तो आपको बोट की क्षमता का ध्यान जरूर रखना है.
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बोट राइडिंग करने के पहले और करते समय हमें वोट राइडर के सुरक्षा निर्देशों का पालन अवश्य करना चाहिए क्योंकि यदि हम सुरक्षा के दिशा-निर्देश का पालन करते हैं तो हमें बोट राइडिंग के दरमियान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता है. ये निर्देश आपकी सुरक्षा के लिए होते हैं, जैसे कि बैठने का तरीका, संतुलन बनाए रखना और आपात स्थिति में क्या करना है. कई लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं, जो गलत है. सही जानकारी और सावधानी से आप दुर्घटनाओं से खुद को बचा सकते हैं.

जब भी आप बोट राइडिंग कर रहे हो तो ऐसे में आपको शराब और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहना चाहिए. क्योंकि बोट राइडिंग में लहरों का संतुलन बिगड़ता है. इससे नाव का हिलाव डुलाव काफी अधिक होता है. अगर आप शराब पिए रहेंगे या फिर किसी प्रकार का नशा किए रहेंगे तो आप असंतुलित होकर नाव से नीचे गिर सकते है जो कि आपकी जान के लिए खतरा भी है. ऐसे में आपको शराब और नशे से दूर रहकर ही बोट राइडिंग करना चाहिए.

बोट राइडिंग के दरमियान आपके बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना होगा, क्योंकि बच्चे उतने जागरूक नहीं होते और बोट के खिलाफ डोलो की वजह से उनका संतुलन बिगड़ सकता है. ऐसे में बच्चों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. बच्चों को हमेशा लाइफ जैकेट पहनाएं और उन्हें अकेला न छोड़ें. वे उत्साह में आकर खड़े हो जाते हैं और पानी में हाथ डाल सकते हैं. जिससे खतरा बढ़ जाता है.
अचानक न खड़े हों

बोट में मौजूद आपातकालीन साधनों जैसे लाइफ बॉय, फर्स्ट एड किट और अलार्म आदि की जानकारी होना जरूरी है. अगर कोई दुर्घटना हो जाए तो तुरंत इनका उपयोग किया जा सकता है. बोट पर चढ़ते समय यह जरूर देखें कि ये सभी उपकरण मौजूद हैं और काम कर रहे हैं. साथ ही, यह भी जानें कि जरूरत पड़ने पर सहायता कैसे प्राप्त करनी है. थोड़ी सी तैयारी और जानकारी आपकी और दूसरों की जान बचा सकती है.

बोट में बैठे हुए अचानक खड़े होना या इधर-उधर ज्यादा हिलना-डुलना खतरनाक हो सकता है. इससे बोट का संतुलन बिगड़ सकता है और वह पलट भी सकती है. खासकर जब बोट छोटी हो.इसलिए हमेशा शांत बैठें और जरूरत होने पर धीरे-धीरे हिलें. बच्चों को भी समझाएं कि वे बोट में उछल-कूद न करें.





